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अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों का एक आलोचनात्‍मक विवेचन video

अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों
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जाति विरोधी आन्‍दोलन के तीन महत्‍वपूर्ण व्‍यक्तित्‍व अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों का एक आलोचनात्‍मक विवेचन
प्रिय साथियो, जाति प्रश्‍न पर हुई वर्कशॉप का आज छठा वीडियो अपलोड किया है। इस वीडियो में आधुनिक भारत के जाति विरोधी आन्‍दोलन के तीन महत्‍वपूर्ण व्‍यक्तित्‍व अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों का एक आलोचनात्‍मक विवेचन किया गया है।

आप ये वीडियो इस लिंक से देख सकते हैं :

वर्कशॉप के अन्‍य वीडियो के लिंक भी दुबारा दे रहे हैं।

(5) इस वीडियो में स्‍वातंत्र्योत्‍तर भारत में जाति-व्‍यवस्‍था के स्‍वरूप पर चर्चा की गयी है।

(4) ब्रिटिश शासन के दौरान जाति व्‍यवस्‍था में क्‍या क्‍या परिवर्तन आए, जाति व्‍यवस्‍था के कौन से आयाम कमजोर हुए और कौनसे ताकतवर बने, इन पहलूओं पर इस वीडियो में बातचीत की गई है।

(3) तीसरे वीडियो में *मध्‍यकालीन भारत के दौरान जाति व्‍यवस्‍था के स्‍वरूप पर प्रकाश डाला गया है।

(2) दूसरे वीडियो में *जाति व्‍यवस्‍था के उद्गम व प्राचीन भारत में इसके विकास पर विस्‍तृत बातचीत की गयी है।*

(1) पहले वीडियो में *तीन दिवसीय वर्कशॉप की एक रूपरेखा बतायी गयी है।* – https://m.youtube.com/watch?v=Z3u5dcNaeHs

आपसे आग्रह है कि आप इन वीडियो को जरूर देखें और इन पर अपनी टिप्पणी भी दे

इस मैसेज को जाति उन्मूलन आंदोलन में लगे सभी कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने की कोशिश करें

WhatsApp/facebook पर लोगों की आदत होती है कि कोई अच्छी चीज देखते हैं तो फॉरवर्ड करते हैं और उसके बाद खुद ही भूल जाते हैं। काकीनाडा में 1923 में कांग्रेस-अधिवेशन हुआ। मुहम्मद अली जिन्ना ने अपने अध्यक्षीय भाषण में आजकल की अनुसूचित जातियों को, जिन्हें उन दिनों ‘अछूत’ कहा जाता था, हिन्दू और मुस्लिम मिशनरी संस्थाओं में बाँट देने का सुझाव दिया। हिन्दू और मुस्लिम अमीर लोग इस वर्ग-भेद को पक्का करने के लिए धन देने को तैयार थे। उसी समय जब इस मसले पर बहस का वातावरण था,