Breaking News
Home / न्यूज़ पटल / आधी-आबादी / आइसा ने BHU में छात्राओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में निकाले “बेख़ौफ़ मार्च”
आइसा के आह्वान पर छात्र- छात्राओं का "बेख़ौफ़ मार्च"
आइसा ने BHU में छात्राओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में निकाले "बेख़ौफ़ मार्च"

आइसा ने BHU में छात्राओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में निकाले “बेख़ौफ़ मार्च”

Spread the love

बीएचयू में संघर्षरत छात्राओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में आइसा ने निकाले “बेख़ौफ़ मार्च”

25 सितम्बर 2017,

इलाहाबाद.

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में यौन उत्पीड़न व अपनी सुरक्षा की मांग कर रही छात्राओं पर बर्बर लाठीचार्ज व उनको छात्रावासों से बेदखली के खिलाफ आज इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के आह्वान पर सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने बीएचयू प्रशासन के खिलाफ विवि में आर्ट फैकल्टी से विज्ञान संकाय होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक ‘बेख़ौफ़ मार्च’ निकाला. छात्र-छात्राओं ने बीएचयू की छात्राओं व उनकी मांगों को समर्थन दिया. आइसा के इकाई सचिव शक्ति रजवार ने कहा कि आज मोदी जी पूरे देश में ‘बेटी बचाओ – बेटी पढाओ’ का नारा घूम घूम कर लगा रहे हैं लेकिन अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में रहते हुए अपनी सुरक्षा के लिए आन्दोलनरत छात्राओं से मिलने की जरूरत तक महसूस नहीं करते बल्कि छात्राओं को लाठी खाने के लिए छोड़ देते हैं. आइसा ने छात्राओं पर लाठीचार्ज के जिम्मेदार बीएचयू कुलपति व प्राक्टर के इस्तीफे की मांग की है. आइसा नेता सुमन देवी ने कहा कि जिस प्रकार की घटना बीएचयू में छात्रा के साथ हुई वैसी ही घटनाएँ इलाहाबाद में भी आये दिन होती रहती हैं. विश्वविद्यालय में महिला सुरक्षा के नाम पर बस बोर्ड टांग दिए गए हैं. लाइब्रेरी गेट से लेकर छात्रसंघ भवन तक छात्राओं पर कमेन्ट पास किया जाता है. महिला छात्रावास रात नौ बजे बंद कर दिया जाता है जो गलत है. उन्होंने छात्राओं के लिए गठित सीकैश को सक्रिय करते हुए उसका चुनाव करवाने की मांग की. बीए की छात्रा रिमझिम ने कहा कि लड़कियां बेख़ौफ़ चल सके, जी सकें तभी पढ़ सकती हैं. पढ़ने के लिए हमें लड़ना होगा. आइसा के राष्ट्रीय सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि बीएचयू की छात्र-छात्राएं अपनी न्यूनतम मांगों को लेकर प्रदर्शन करती हैं, अपनी सुरक्षा की बात करती हैं तो बदले में उन्हें लाठियां मिलती हैं. यह घटना बेहद निंदनीय हैं.

बेख़ौफ़ मार्च में छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शालू यादव, साक्षी उपाध्याय, मनीष कुमार, कुमैल जाफर रिजवी, रणविजय गोंड, आकांक्षा, नीलम, निधि, मानविका, तोशी, खुशबू, पूनम, साल्वी, पल्लवी, अंतस, विष्णु, यश, सृजन, देवेश, हिमांशु, सूरज कुमार बौद्ध, विजय, चन्दन, शम्स तबरेज, आलोक, गंगेश, पूजा, अभिषेक, ऋतू, राहुल समेत सैकड़ों की तादात में छात्र-छात्राएं मौजूद रही.

रणविजय सिंह
Unit President
All India Students Association (AISA).

This post was written by suraj kumar bauddh.

The views expressed here belong to the author and do not necessarily reflect our views and opinions.

About suraj kumar baudh

Check Also

झारखंड भाजपा

झारखंड भाजपा ने स्पष्ट कर दिया कि उनका अगला मुख्यमंत्री भी गैर आदिवासी !

Spread the love400Sharesझारखंड भाजपा ने साफ़ कर दिया कि उनका अगला मुख्यमंत्री भी अर्जुन मुंडा …