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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों का BHU छात्राओं के समर्थन में बड़ा आगाज

इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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BHU छात्राओं के समर्थन में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने किया बड़ा आगाज।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अपने हक़ की लड़ाई लड़ रही छात्राओं के ऊपर जिस तरह से विश्वविद्यालय प्रशासन ने इतनी बेरहमी से लाठीचार्ज किया यह इस बात का गवाह है कि अब केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के अंदर मर्म खत्म हो चुका है। छात्राओं की इस लड़ाई को पूरे देशभर के युवाओं का समर्थन मिल रहा है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अपने हक के लिए लड़ रहे क्रांतिकारी छात्राओं के समर्थन में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तमाम छात्र संगठनों तथा छात्रों ने एकजुटता दिखाते हुए एक मंच पर आकर फोरम फॉर कैंपस डेमोक्रेसी के बैनर तले एक बड़े आंदोलन का आगाज किया। इस बड़े आगाज को देखते हुए छात्रों का मनोबल गिराने के लिए पुलिस प्रशासन ने छात्रों को आगे पीछे से घेर लिया लेकिन छात्रों का विरोध प्रदर्शन रुका नहीं, चलता रहा।

फोरम फ़ॉर केंपस डेमोक्रेसी के संयोजक तथा इंकलाबी छात्र मोर्चा से जुड़े रितेश विद्यार्थी का कहना है कि वाइस चांसलर गिरीश चंद त्रिपाठी संघ के पोषक तथा एक महिला विरोधी इंसान है। इससे पहले भी वह कई बार महिला विरोधी बयान दे चुका है। आइसा से शक्ति रजवार ने कहा कि मोदी सरकार की निरंकुशता अपने चरम पर बढ़ चुकी है। हम इस पितृसत्तात्मक व्यवस्था को ध्वस्त कर देना चाहते हैं। दिशा छात्र संगठन से निशु ने BHU में छात्राओं पर किए गए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कड़े़े कानून तथा कड़े रवैया की मांग की। एलएलएम के छात्र सूरज कुमार बौद्ध ने कहा कि केंद्र सरकार इस पुलिसिया प्रशासन के लाठी डंडों की दम से माता सावित्री बाई फुले तथा बाबा साहेब अंबेडकर के सपनों को नहीं रोक सकती है। हमारी लड़ाई जारी रहेगी। इस विरोध प्रदर्शन में आल इंडिया डीएसओ, जनवादी छात्र सभा तथा छात्र युवा संघर्ष समिति के छात्रों ने भी हिस्सा लिया। जुलूस एवं सभा मे मुख्य रूप से छात्र नेता दिनेश चौधरी, सुनील मौर्या, शोध छात्रा अनु सिंह, सुमन देवी, साक्षी, अंजली, सुमन देवी, सुजीत, मोनिका शिवहरे, सुशील, रणविजय विद्रोही, दीपक कनौजिया सहित अनेकों छात्र छात्राओं ने अपनी बात बहुत ही बेबाकी से रखा तथा BHU छात्राओं की इस लड़ाई के कंधे से कंधा मिलाकर साथ लड़ने की प्रतिबद्धता जताते हुए वॉइस चांसलर के इस्तीफे की मांग की।

This post was written by suraj kumar bauddh.

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