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उपयोग के योग्य नहीं होने के बावजूद उप्र में दो दशक से हो रहा है ‘थ्री नाट थ्री’ का इस्तेमाल

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पीटीआई-भाषा 

लखनऊ, 23 जुलाई :भाषाः करीब 20 साल पहले प्रचलन से बाहर हथियार घोषित होने के बावजूद उत्तर प्रदेश पुलिस के 48 प्रतिशत कर्मियों को मजबूरन ‘प्वाइंट थ्री नाट थ्री राइफल’ का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक :सीएजीः की एक रिपोर्ट के अनुसार प्वाइंट-थ्री नाट थ्री बोर राइफल को करीब 20 साल पहले :फरवरी 1995: में प्रचलन से बाहर घोषित कर दिया गया था। मगर करीब 48 प्रतिशत पुलिसकर्मियों को अब भी मजबूरन इसका प्रयोग करना पड़ रहा है।

सीएजी की यह रिपोर्ट हाल में प्रदेश विधानसभा में पेश की गयी थी। रिपोर्ट के अनुसार गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 1995 में जारी निर्देशों में कहा गया है कि थ्री नाट थ्री रायफल 1995 में ही उपयोग से बाहर घोषित कर दी गयी थीं और उसे नये आयुध तंत्र के जरिये बदला जाना था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के पास उपलब्ध एक लाख 22 हजार राइफल में से 58 हजार 853 शस्त्र प्वाइंट-थ्री नाट थ्री हैं। प्रदेश सरकार ने :फरवरी 2017 मेंः यह स्वीकार करते हुए कहा है कि प्वाइंट थ्री नाट थ्री रायफल की जगह इंसास रायफल को प्रतिस्थापित किया जा रहा है और यह प्रक्रिया अगले पांच साल में पूरी हो जाएगी।

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