ड्राईवर मुसलमान नहीं हिन्दु था, नहीं नहीं ड्राईवर तो मुसलमान हीं था.. लेकिन ड्राईवर का नाम सलीम है.. मैं कहता हूं की ड्राईवर का नाम हर्ष है.!

अमित कुमार, गुजरात|

हिन्दू- मुसलमान, सेकुलर वामपंथी सब के सब कन्फ्यूज हैं कि बस का ड्राईवर कौन है, और अभी तक कोई भी सही नहीं बता सका है कि आखिर ड्राईवर हिन्दु है की मुसलमान है.. ?

 

मेरा मानना है की ड्राईवर कोई भी हो उससे क्या फर्क पड़ता है, महत्वपूर्ण यह नहीं है की ड्राईवर हिन्दु है की मुसलमान है .. महत्वपूर्ण यह है कि बस चलाने वाले ने करीब पचास इंसानो की जिंदगी बचा ली अपनी सुझ बुझ से.. महत्वपूर्ण यह की ड्राईवर ने हिन्दु -मुसलमान का फर्क ना करते हुए लाशों का ढेर बनने से इंसानों को बचा लिया..

महत्वपूर्ण यह है की ड्राईवर ने अगर हिन्दु और मुसलमान का फर्क किया होता तो पुरी बस लाशों के ढेर में बदल गई होती.. और सबसे महत्वपूर्ण तो यह है की एक मामूली सा इंसान जो सिर्फ बस चलाता है उसने पचासों जिंदगीयों के बचा कर बहादुरी और इंसानियत दोनो का शानदार परिचय दिया है, लेकिन पुरी दुनिया चलाने वाला (इश्वरवादीयों के अनुसार) तुम्हारा इश्वर/अल्लाह सात लोंगो को भी नहीं बचा सका.. सोचो की महान कौन..?

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