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नासा ने पहले एस्टेरॉइड डिफ्लेक्शन मिशन का विकिया किया शुरू 

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नासा अपनी तरह के एक पहले मिशन विकसित कर रहा है जोकि पृथ्वी के निकट के क्षुद्रग्रह (एस्टेरॉइड) को उनके पथ से हटा देगा, और उन प्रणालियों का परीक्षण करने में मदद प्रदान करेगा जो भविष्य में संभावित ब्रह्माण्डीय भागों/ अवशेषों के प्रभावों से पृथ्वी ग्रह की रक्षा करने के लिए मानव जाति को सहायता देगा।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि डबल एस्टरॉयड रीडायरेक्शन टेस्ट (डार्ट) जिसे जॉन हॉपकिंस एप्लाइड फिजिक्स लैबोरेटरी द्वारा डिजाइन और बनाया जा रहा है, अब अवधारणा के विकास के चरण से आगे प्रारंभिक डिजाइन चरण की ओर जा रहा है। इसका प्रबंधन जॉन हॉपकिंस एप्लाइड फिजिक्स लैबोरेटरी द्वारा ही किया जाएगा।

डार्ट काइनेटिक इम्पेक्टर तकनीक को प्रदर्शित करने वाला नासा का पहला मिशन होगा। यह तकनीक क्षुद्रग्रह पर टक्कर मारकर उसकी कक्षा में बदलाव देगी जिससे कि भविष्य में क्षुद्रग्रह और पृथ्वी के बीच होने वाली टक्कर की सम्भावना को अत्यधिक कम किया जा सकेगा। यह अनुमोदन चरण बिना खतरे वाले लघु छुद्रग्रह के साथ एक ऐतिहासिक परीक्षा के लिए परियोजना को आगे बढ़ाता है।

डार्ट का लक्ष्य एक क्षुद्रग्रह है जो अक्टूबर 2022 और इसके बाद पुनः 2024 में पृथ्वी की ओर बढ़ रहा होगा।

इस क्षुद्रग्रह को डिडिमॉस कहा जाता है, ग्रीक भाषा में इसका अर्थ “जुड़वाँ” है। क्यूंकि इसके दो भाग हैं – डिडिमॉस A (780 मीटर) और डिडिमॉस B (160 मीटर). डार्ट केवल छुद्रग्रह के छोटे भाग डिडिमॉस B से टकराएगा। डिडिमॉस सिस्टम का वर्ष 2003 से नासा के वैज्ञानिकों के द्वारा बारीकी से अध्ययन किया गया है। प्राथमिक भाग रॉकी – एस प्रकार का है जिसकी रचना कई क्षुद्रग्रहों के समान ही है।

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