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पब्लिक रोड पर सीसीएल प्रबंधन की कोल ट्रांसपोर्टिंग की गाड़ियों का कब्ज़ा

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चतरा : 1990 के दशक में स्थापित सीसीएल पिपरवार कोल परियोजना की जहाँ लगभग 25 साल के बाद भी अभी तक विस्थापित ग्रामीण यातायात के लिए पक्के सड़क की मांग को लेकर आंदोलन करने पर विवश दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने सीसीएल प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि प्रबंधन सिर्फ अपनी मनमानी ढंग से कार्य कर रही है। यातायात के लिए बनी पीडब्लूडी की पक्की सड़क को भी बिना एनओसी लिए सीसीएल काट कर माइन्स के गड्ढे में तब्दील कर चुकी है। और अब ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर बरसात के मौसम में माइन्स के बीचो बीच बने कच्चे सड़क से होकर सफर करना पर रहा है। जो की किसी आत्महत्या करने से कम नहीं है क्यों की माइन्स के बीच में बनी इस सड़क में माइन्स से निकलने वाला मिट्टी हाल ही में डाला गया है जो बरसात के सुरुवात में ही धसने लगा है। और सड़क दलदल और गड्ढे में तब्दील हो चूका है।

आपको बताते चलें कि हाल में ही चतरा में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास भाजपा कार्यालय के उदघाटन के लिए और सबका साथ सबका विकास के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए थे । सूत्रों के अनुसार उस कार्यक्रम का आयोजन सीसीएल प्रबंधन के द्वारा किया गया था। इसलिए सीसीएल सीएमडी गोपाल सिंह का उस कार्यक्रम में उपस्थित होना लाजमी था। जहाँ गोपाल सिंह ने अपने संबोधन में ग्रामीणों से उद्योग और विकास के लिए अपनी जमीन देने की अपील भी किये थे।

लेकिन ग्रामीण अब ये सोचने पर विवश हैं कि यदि 25 वर्षो से स्थापित पिपरवार कोल परियोजना के ग्रामीण अभी तक यातायात के पक्के सड़क के लिए तरस रहे है तो फिर सरकार और सीसीएल प्रबंधन किस विकास की बात करती है।ग्रामीणों ने प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि सीसीएल प्रबंधन बिना बैकल्पिक रोड का व्यवस्था किये यातायात के लिए बने पक्के सड़क को माइन्स के गड्ढे में ताब्दील कर चुकी है। जिससे ग्रामीणों का आवागमन ठप हो गया है।जिसके कारण ग्रामीण सड़क पर आंदोलन करने पर विवश है।

वहीँ पिपरवार सीसीएल महाप्रबंधक का कहना है कि ग्रामीणों के यातायात के लिए बैकल्पिक सड़क की व्यवस्था की गयी है, ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन जब मिडिया ने उस बैकल्पिक सड़क का मुयाना किया तो उस सड़क का दृष्य चौकानेवाला और भयावह ही नहीं खतरनाक भी था। जहाँ सड़क के दोनों तरफ कोल् ट्रांसपोर्टिंग की गाड़ियां अपना कब्जा जमाए हुए थे। सड़क पर कीचड़ और गड्डो की भरमार थी । उस सड़क से पब्लिक का किसी भी दो पहिया और चार पहिया वाहन से सफर करने से 100% दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।

This post was written by sanjay dash.

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