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पिछले ढाई वर्षों में झारखण्ड विकास के क्षेत्र में नई उंचाईयों की ओर

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रांची : टीम PRD : दिल्ली आज राज्य में आई है। दृष्टिकोण में यह बदलाव महत्वपूर्ण है- नीति आयोग राज्य में पहंुच कर राज्य की कठिनाईयों और प्राथमिकताओं का अवलोकन कर रही है। जबकि पूर्व में योजना आयोग दिल्ली में बैठकर राज्य के वित्त का विश्लेषण करती थी। भारत के प्रधानमंत्री के प्रति साधुवाद प्रकट करते हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज डाॅ वी के सारस्वत के साथ नीति आयोग के दल एवं राज्य के मुख्य सचिव, विकास आयुक्त सहित राज्य के आला अधिकारियों के साथ बैठक में कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 70 साल में झारखण्ड का विकास उपेक्षित सा रहा। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने अलग राज्य का गठन कर इसके विकास की नई नीव रखी। उन्होंने कहा कि पिछले 14 वर्षों की राजनीतिक अस्थिरता के कारण भी राज्य का विकास अपेक्षित नहीं हो पाया। श्री दास ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों की स्थिर सरकार ने विकास के क्षेत्र में नई उंचाईयों को स्पर्श किया है। अतः झारखण्ड को आज भी केन्द्र से शिक्षा, स्वास्थ्य आदि महत्वपूर्ण इंडिकेटर में सहायता और सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिये ठोस कदम उठाए गए हैं और झारखण्ड विकास के कई पायदानों में अव्वल राज्यों की श्रेणी में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 तक सभी घरों में विद्युत सुविधा तथा सभी जिलों को ओडीएफ करने का लक्ष्य है। राज्य में महिला साक्षरता दर में भी सुधार आया है। बालिका शिक्षा एवं जनजातीय समुदायों के शिक्षा एवं समग्र विकास पर राज्य सशक्त प्रयास कर रही है।

बैठक की शुरूआत में मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने बताया कि देश के औसत विकास दर 6.8 से आगे 8.6 प्रतिशत विकास दर के साथ टीम झारखण्ड की प्रतिबद्धता और कार्य की दिशा स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि सुगम्य व्यापार (ईज आॅफ डूईंग बिजनेस) की दृष्टि से झारखण्ड 96.5 प्रतिशत स्कोर के साथ अव्वल राज्यों की श्रेणी में खड़ा है। महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कल्याण आदि क्षेत्र में विशेष जोर है। नीति, निवेश एवं कार्यान्वयन में राज्य के पास सबल नीति है और कार्यान्वयन के स्तर पर प्रतिबद्ध टीम झारखण्ड है। साथ ही बजट एवं निवेश में केन्द्र से और अधिक सहयोग प्राप्त होगा तो राज्य दीर्घस्थायी विकास (सस्टेनेबुल ग्रोथ) कर सकेगा।
उदीयमान भारत में झारखण्ड सबसे सशक्त चेहरों में एक

नीति आयोग के सदस्य डा0 बीके सारस्वत ने समीक्षा करते हुए झारखण्ड को उदीयमान भारत के सबसे सशक्त चेहरों में से एक होने पर बधाई दिया। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में झारखण्ड ने अपनी विश्वसनीय शुरूआत की है। विकास दर, मोमेंटम झारखण्ड आदि के द्वारा एक डायनेमिक लीडरशिप, प्रभावशाली नीतियां और सफल कार्यान्वयन का निदर्शन हुआ है। डा0 सारस्वत ने कहा कि समावेश अर्थात अपने नाॅलेज नीति संसाधन को राष्ट्रीय स्तर पर समन्वयन और आदान-प्रदान के तहत स्वीकार करना चाहिए। कई ऐसे क्षेत्र हैं- शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, स्वच्छता आदि व्यापक दृष्टिबोध नीति और कार्य योजना के साथ कार्य किया जा सकता है। झारखण्ड को हर सम्भव सहयोग और मदद नीति आयोग देगा। एक टीम की तरह राज्य के विकास के लिए कार्य किया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त श्री अमित खरे ने बताया कि राज्य में पिछले दो वित्तीय वर्षों में बजट व्यय 94.44 तथा 97.36 प्रतिशत रहा है। साथ ही आज राज्य देश के तेजी से विकास कर रहे राज्यों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति पूर्णतः मजबूत और नियंत्रण में है तथा राज्य के पास एक स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल है जो विकास के लिए समर्पित है। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ बिन्दुवार गहन चर्चा हुई।

इस बैठक में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास, नीति आयोग के सदस्य डा वी के सारस्वत, मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा, विकास आयुक्त सह अपर मुख्य सचिव श्री अमित खरे, नीति आयोग की टीम के सदस्य, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव तथा सचिव उपस्थित थे।

नीति आयोग की सहायता एवं उनका सहयोग विकास के लिए महत्वपूर्ण -रघुवर दास

झारखण्ड को हर सम्भव सहयोग और मदद नीति आयोग देगा- डाॅ वी के सारस्वत

नीति निवेश और कार्यान्वयन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण- मुख्य सचिव

पिछले दो वित्तीय वर्षों में बजट व्यय 94.44 तथा 97.36 प्रतिशत- अमित खरे

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