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प्राचीन इतिहास

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सर्वप्रथम भारत को INDIA कहने वाले यूनानी (Greece) लोग थे, तथा हिन्द कहने वाले अरब/मुस्लिम थे

 

इतिहास को जानने समझने के लिए हमें मुख्यतः 4 चीजों से मुख्या जानकारियां मिलती हैं :-

  1. धर्म ग्रन्थ
  2. ऐतिहासिक ग्रन्थ
  3. विदेशियों का विवरण
  4. पुरातत्व सम्बन्धी साक्ष्य

 

  • धर्म ग्रन्थ :-

 

  • धर्म ग्रंथों में मुख्य है वेद, पुराण, स्मृति ग्रन्थ, बौध ग्रन्थ, जैन ग्रन्थ, अर्थशास्त्र इत्यादि

 

  • वेद चार होते हैं ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथर्ववेद :-

 

  • ऋग्वेद :-

 

  • ऋग्वेद में 10 मंडल, 1028 शुक्त तथा 10428 ऋचाएं हैं
  • ऋग्वेद पढने वाले को होत्री कहा जाता था
  • चतुस्वर्ण समाज की अभिकल्पना ऋग्वेद के दसवें मंडल में वर्णित पुरुषशुक्त में है
  • ऋग्वेद में इंद्र के लिए 250 तथा अग्नि के लिए 200 ऋचाएं हैं

 

  • यजुर्वेद :-

 

  • सस्वर पाठ के लिए तथा बलि के समय अनुपालन के लिए नियमों का संकलन यजुर्वेद कहलाता है
  • यजुर्वेद पढने वाले अध्र्वायु कहलाते थे
  • यह एक ऐसा वेद है जो गद्य और पद्य दोनों में है

 

  • सामवेद :-

 

  • यह गाई जा सकने वाली ऋचाओं का संकलन है
  • इसे भारतीय संगीत का जनक कहा कहा जाता है
  • सामवेद पढने वाले उद्धात्री कहलाते थे

 

  • अथर्ववेद :-

 

  • अथर्ववेद, अथर्वा ऋषि द्वारा रचित वेद है जिसमे रोग निवारण, जादू टोना आदि का विवरण है
  • इसमें सभा एवं समिती को प्रजापति कि दो पुत्रियाँ कहा गया है

 

  • अन्य धर्मं ग्रन्थ :-

 

  • शतपथ ब्राह्मण में प्राचीन भारत के इतिहास का वर्णन है
  • पुराणों की संख्या 18 है, सबसे प्राचीन पुराण मत्स्य पुराण है
  • मनुस्मृति सबसे प्राचीन स्मृति ग्रन्थ है जिसके रचियता मनु थे
  • जातक में बौध धर्म की कहानियों का वर्णन है

 

  • ऐतिहासिक ग्रन्थ :-

 

  • अर्थशास्त्र कि रचना चाणक्य/कौटिल्य ने की थी, यह 15 भागों में विभक्त है
  • राजतारंगिनी कल्हण द्वारा रचित ग्रन्थ है जिसमे कश्मीर के इतिहास का वर्णन है
  • अष्टध्यायी पाणिनी द्वारा रचित संस्कृत व्याकरण की सबसे प्राचीन ग्रन्थ है

 

  • यूनानी रोमन लेखकों द्वारा रचित ग्रन्थ/रचनाएँ :-

 

  • टेसियस ईरानी लेखक थे
  • हेरोड़ोट्स को फादर ऑफ़ हिस्टरी कहा जाता है जिन्होंने हिस्तोरिका नामक किताब की रचना की थी
  • मेगास्थनीज यह सल्युकस का राजदूत थे जो चन्द्रगुप्त मौर्य के राजदरबार में आए थे इनके द्वारा रचित प्रसिद्ध किताब है इंडिका
  • डायमेकस सीरिया से आए थे और ये बिन्दुसार के राजदरबार में आए थे
  • डायनोसियस अशोक के राजदरबार में आए थे
  • पिल्नी ने नेचुरल हिस्टोरिका कि रचना की थी
  • टाल्मी ने भारत का भूगोल नामक पुस्तक लिखा था

 

  • चीनी लेखक :-

 

  • फाह्यान, चन्द्रगुप्त द्वितीय के दरबार में आया था
  • व्हेनसांग, हर्षवर्धन के शासनकाल में 629 इ० में आए थे, इसने 15 वर्षों तक नालन्दा विश्वविद्यालय में अध्ययन किया था जहाँ इनके गुरु आचार्य शीलभद्र थे
  • इत्सिंग 7वीं शताब्दी में भारत आए थे इन्होने भी नालन्दा विश्वविद्यालय में अध्ययन किया था

 

  • अरबी लेखक :-

 

  • अल-ब-रूनी इनके किताब का नाम ‘किताब-उल-हिन्द’ था

 

  • अन्य लेखक :-

 

  • तारानाथ – तिब्बत से
  • मार्कोपोलो – इटली से

 

  • पुरातात्विक साक्ष्य :-

 

  • बोगाजकोई अभिलेख – 1400 इ० पु० में एशिया माईनर (विदिशा के पास) में पाया गया था
  • हाथीगुम्फा अभिलेख – सर्वप्रथम भारतवर्ष का उल्लेख इसी अभिलेख में पाया गया था
  • जूनागढ़ अभिलेख – यह रूद्रदामन के शासन कल का है यह गिरनार के पास पाया गया था
  • प्रयाग स्तम्भ लेख – यह समुद्रगुप्त द्वारा लिखवाया गया था
  • ग्वालियर अभिलेख – यह राजा भोज जो प्रतिहार नरेश थे के द्वारा लिखवाया गया था
  • देवपाड़ा अभिलेख – यह विजय सेन जो कि बंगाल के शासक थे के द्वारा लिखवाया था
  • एरन अभिलेख – सर्वप्रथम शती प्रथा का उल्लेख इसी अभिलेख में मिलता है यह भानुगुप्त के समय का है

 

  • सिक्के :-

 

  • सिक्कों का अध्ययन न्युमिस्मेटिक कहलाता है
  • प्राचीन सिक्के को आहत सिक्के भी कहा जाता है

 

  • प्राचीन इतिहास को तीन भागों में विभक्त किया जाता है :-

 

  1. प्रागैतिहासिक कल (Prehistoric Age) – इस काल का कोई लिखीत शाक्ष्य नहीं मिलता है सिर्फ पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर इसका अध्ययन किया जाता है
  2. आद्धय इतिहास (Proto Historic Age) – इस काल के लिखीत साक्ष्य तो मिलते हैं लेकिन इसे अभी तक पढ़ा नहीं जा सका है
  3. इतिहास (Historic Age) – इस काल के लिखित और पुरातात्विक साक्ष्य दोनों मिलते हैं

 

  • चावल का सर्वप्रथम साक्ष्य कोल्डीहवा में पाया गया था
  • मनुष्य ने सर्वप्रथम ताम्बा धातु का प्रयोग किया
  • सबसे पहला हथियार कुल्हाड़ी था
  • सबसे प्राचीन फसल जौ और गेंहूँ था
  • आग का अविष्कार पूरा पाषाण काल में हुआ था
  • पहिया और कृषि का अविष्कार नव पाषाण काल में हुआ था

 

 

 

 

 

 

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