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फेक न्यूज़ पैदा करने की फैक्ट्री: ​दैनिक भारत डॉट ओआरजी -विगुल

फेक न्यूज़ पैदा करने की फैक्ट्री: ​दैनिक भारत डॉट ओआरजी -विगुल

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दैनिक भारत डॉट ओआरजी नामक वेबसाईट ने कल जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की विजय की खबर चलाई. इसके शेयर और स्क्रीनशॉट को फैलाने वालों की बाढ़ आ गयी. एक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय महोदय भी इसकी चपेट में आ गये. अब तक तो आप जान ही गए हैं कि जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में चारों पदों पर लेफ्ट यूनिटी उम्मीदवार विजयी रहे हैं.
तो अब यह भी जान लीजिये कि इसी दैनिक भारत ने यह फेक न्यूज़ चलाई थी कि सुकमा में जवानों के मारे जाने पर जेएनयू में जश्न मनाया गया. साथ में जो फोटो थी वह उस साल के जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में जीत के बाद खुशियाँ मना रहे लेफ्ट विद्यार्थियों की थी.यह खबर इतनी चली कि जनमानस में जेएनयू की छवि बिगाड़ने में इसने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई.
दैनिक भारत ने ही अमरनाथ हमले के दौरान महत्त्वपूर्ण बचाव करने वाले ड्राइवर सलीम शेख को बदनाम करने वाली न्यूज़ चलाई थी. फेक न्यूज़ का अम्बार है इस वेबसाईट पर.
दैनिक भारत के सम्पादक कोई रवि सिंह हैं. वे किसी हिन्दू सेना के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. अपने ( अब डिलीटेड ) फेसबुक अकाउंट से वे “जब हिन्दू मां ने ग्यारह मुस्लिमों से कहा – एक एक करके मेरी बेटी का बलात्कार करो, वर्ना वह मर जायेगी” जैसी घटिया झूठी अफवाहें फैलाते रहे हैं. कुमार विश्वास के साथ एक महिला की तस्वीर लगाकर दोनों को बदनाम करने का काम भी इन्होने ही किया था जिसके बाद उस महिला ने इनके खिलाफ एफ़आईआर करवाई थी. कभी मोदी जी तो कभी गोलवलकर की फोटो इनकी प्रोफाइल पिक्चर होती थी.
ऐसा नहीं कि ये सब काम करने से सिर्फ वैचारिक लड़ाई होती हो. फेक न्यूज़ साइट्स चलाने से जबरदस्त कमाई भी होती है. किसी सामान्य वेबसाईट से कहीं ज्यादा, क्योंकि लोग सनसनीखेज़ अफवाहें ज्यादा उत्सुकता से पढ़ते हैं. ( इन सभी बातों के जरूरी लिंक्स मैं कमेन्ट बॉक्स में लगा रहा हूँ. पढ़ें और सोचें.)
और हाँ ये बताना तो रह ही गया. हवन करके डोनाल्ड ट्रंप की हैप्पी बड्डे मनाने वाले भी यही थे !
whatsapp इनके अफ़वाह तंत्र  फेक न्यूज़ का सबसे महत्त्वपूर्ण हिस्सा है.
नीचे कुछ लिंक दिए हैं जिनसे इनके कारनामे उजागर होते हैं इस मैसेज को अधिक से अधिक फैलाएं ताकि भारत की जनता के बीच फेक न्यूज़ के माध्यम से नफरत फैलाने में जुटे फासीवादियों  की असलियत उजागर हो

जेएनयू में सुकमा हमले पर जश्न मनाने की फर्ज़ी ख़बर पर वेबसाइटों के ख़िलाफ़ एफआईआर

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