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भारत की न्यायपालिका पर 400 परिवारों का ही कब्जा

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कोलेजियम सिस्टम से जजों के रिश्तेदार ही बनते रहे हैं जज, जो अत्यन्त विचारणीय है | भारत के मा0 सर्वोच्च न्यायालय व मा0 उच्च न्यायालय में मात्र 400 परिवारों का ही कब्जा है और जो जज है उन्हीं के ही बेटा, बेटी, जीजा, साला, नातेदार, रिश्तेदार ही जज बनते आ रहे है जो अत्यन्त दुर्भाग्य पूर्ण है। मा0 उच्चतम न्यायालय व मा0 उच्च न्यायालयेां में जजों का चयन कोलेजियम सिस्टम से किए जाने को अत्यन्त गलत प्रणाली है | आज भी आजाद भारत के लोग मात्र 400 परिवारों के गुलाम बने हुए है और देश की उच्च न्याय पालिका में 400 परिवारों से ही सम्बन्धित जज बैठे हुए है। संघ लोक सेवा आयोग, राज्य सेवा आयोग ही नहीं यहां तक की समूह ग व घ के सेवायोजकों के चयन के लिए प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया जाता है परन्तु मा0 उच्चतम न्यायालय व मा0 उच्च न्यायालयों के जजों का चयन उक्त न्यायालयों के न्यायाधीशों की टीम के द्वारा किया जाता है जो उचित नही है। जजों के चयन के लिए भी दो या तीन स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा व साक्षात्कार की व्यवस्था की जानी चाहिए।

मा0 उच्चतम न्यायालय में 97 नाम न्यायाधीश के चयन के लिए विचाराधीन है जिनमें 73 न्यायाधीशों के पुत्र व 24 राजनीतिक नेताओं के रिश्तेदार है। इसी तरह इलाहाबाद मा0 उच्च न्यायालय के लिए न्यायाधीशों के पुत्रों व नेताओं के रिश्तेदारों को जज चयन के लिए 50 नामों की सूची विचाराधीन है। इलाहाबाद मा0 उच्च न्यायालय में जज बनाये जाने के लिए जो 50 नाम विचाराधीन है उनमें उदाहरण स्वरूप भाजपा के वरिष्ठ नेता व पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी के पुुत्र नीरज त्रिपाठी, मा0 उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश बी0एन0 खरे के पुत्र सोमेश खरे, जम्मू कश्मीर मा0 उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सगीर अहमद के पुत्र मो0 अलताफ मंसूर, न्यायधीश ओ0पी0 श्रीवास्तव के पुत्र रजनीश कुमार, इलाहाबाद मा0 उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अब्दुल मतीन के भाई अब्दुल मोईन, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा के भाई उपेन्द्र मिश्रा, न्यायाधीश एस0पी0 मेहरोत्रा के पुत्र मनीष मेहरोत्रा, न्यायाधीश एच0एन0 तिलहरी के पुत्र आर0एन0 तिलहरी उत्तर प्रदेश सरकार के चीफ स्टैण्डिंग काउन्सिल सी0डी0 सिंह, न्यायाधीश राम प्रकाश मिश्रा के पुत्र राजीव मिश्रा, न्यायाधीश जगदीश भल्ला के भतीजे अजय भनौट, न्यायाधीश पी0एस0 गुप्ता के पुत्र अशोक गुप्ता, न्यायधीश पी0एस0 गुप्ता के भतीजे राजीव गुप्ता, इलाहाबाद मा0 उच्च न्यायालय खण्डपीठ लखनऊ के न्यायाधीश ए0पी0 शाही के ब्रदर इन लाॅ बी0के0 सिंह आदि के नाम प्रमुख है।

सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश माथुर के पिता, चाचा, भाई, चचेरा भाई, माता, मामा, ताया, भाभी, चाची आदि जज है। दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश एण्डली के पिता व ससुर, जगमोहन व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के पुत्र दिल्ली मा0 उच्च न्यायालय में जज है। केन्द्र्र सरकार व राज्य सरकार से उच्च न्यायिक सेवा, भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य सिविल सेवा की भांति मा0 उच्चतम न्यायालय व मा0 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का चयन कोलेजियम सिस्टम से न कर प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से कराये जाने की मांग किया जाना चाहिये और जजों के द्वारा जजों का चयन बिना किसी प्रतियोगी परीक्षा के किये जाने को अत्यन्त दोषपूर्ण है। जिसके कारण देश की पूरी उच्च न्यायपालिका कुछ ही परिवारों तक सीमित है।

 

साभार : निलीमा सोनी

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