Breaking News
Home / न्यूज़ पटल / एडिटोरियल / आर्टिकल / राष्ट्रीय ऊर्जा नीति का मसौदा तैयार – नीति आयोग 

राष्ट्रीय ऊर्जा नीति का मसौदा तैयार – नीति आयोग 

Spread the love

नीति आयोग ने बड़ी कारों, एसयूवी पर ज्यादा टैक्स लगाने और मेट्रो रेल जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा देने की वकालत की है। आयोग का मानना है कि ऐसा करना वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए जरूरी है। उसने यह सुझाव राष्ट्रीय ऊर्जा नीति के मसौदे में दिया है। इसमें कहा गया है कि बड़ी कारों/एसयूवी पर टैक्सेशन बढ़ाने से ईंधन की कम खपत करने वाली कारों के चलन को बढ़ावा मिल सकेगा। लोगों को इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। आयोग ने प्रस्तावित नीति के मसौदे पर 14 जुलाई तक लोगों से राय मांगी है।

मसौदे से जुड़े प्रमुख तथ्य:-

मसौदे में कहा गया है कि प्राइवेट ट्रांसपोर्ट की कार्यकुशलता की सफलता मेट्रो रेल जैसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की प्रगति पर निर्भर करती है। भारत में हवा की गुणवत्ता, खासकर शहरों में, जहां घनी आबादी वाले इलाकों में ऊर्जा का इस्तेमाल अधिक होता है वहां ऊर्जा नीति के जरिये ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इसमें इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड व्हीकल्स को बढ़ावा देना भी शामिल है।

पॉलिसी में कहा गया है कि एनर्जी सेक्टर में इनवेस्टमेंट देश के सामने एक बड़ी चुनौती है। विकसित देशों के मुकाबले भारत में इंटरेस्ट रेट अधिक होने के कारण इनवेस्टमेंट कम हो रहा है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अनुमान के मुताबिक, भारत के एनर्जी सेक्टर में 2015 से 2040 के बीच 3.6 लाख करोड़ डॉलर से अधिक के इनवेस्टमेंट की जरूरत होगी।

एजेंसी का कहना है कि भारत को एनर्जी सेक्टर में बड़ी मात्रा में डोमेस्टिक और फाइनेंशियल जरियों से कैपिटल की जरूरत है और यह तभी संभव होगा जब देश में वर्ल्ड-क्लास रेगुलेटर होंगे। पॉलिसी में कोल, ऑयल और गैस के लिए इलेक्ट्रिसिटी की तर्ज पर रेगुलेटर बनाने का प्रपोजल दिया गया है। इसमें कहा गया है कि देश की एनर्जी सप्लाई में 2040 तक तीन गुना की वृद्धि के लिए इनवेस्टर्स को पॉलिसी के नजरिए से आश्वस्त करने की जरूरत होगी।

About Oshtimes

Check Also

अम्बेडकर आवास योजना jharkhand

अम्बेडकर आवास योजना : सरकार ने विधवायों को उनके आवास से वंचित रखा

Spread the love46Sharesडॉक्टर भीम राव अंबेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर झारखंड की रघुबर …