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शैक्षणिक कार्यों के लिए मान्य स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र के आधार पर अनुसूचित जाति के आरक्षण श्रेणी के अन्तर्गत नियुक्ति पर कार्रवाई

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रांची : टीम PRD : झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा तृतीय संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता (प्रारंभिक) परीक्षा, 2007 के लिए प्रकाशित विज्ञापन की कंडिका-10 में यह शर्त दिया गया था कि आरक्षित श्रेणी के सभी अभ्यर्थियों के लिए सक्षम पदाधिकारी (अनुमंडल पदाधिकारी से नीचे नहीं) द्वारा निर्गत वर्ष 2001 से जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र की स्वअभिप्रमाणित प्रति विहित प्रपत्र में संलग्न करना अनिवार्य है।

श्री प्रमोद कुमार दास के द्वारा झारखण्ड लोक सेवा आयोग, राँची को प्रेषित आवेदन पत्र की कंडिका-21 उम्मीदवार द्वारा प्रेषित अनुलग्नकों की सूची में काॅलम (6) रिक्त अंकित किया गया है। श्री दास द्वारा विज्ञापन की शर्तों के बाद भी काॅलम-6 में स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र संलग्न किये जाने का जिक्र नहीं किया गया है जबकि आयोग से विभाग को प्राप्त आवेदन पत्र के साथ संलग्न अनुलग्नक में अन्य प्रमाण पत्रों के साथ केवल शैक्षणिक कार्यों के लिए मान्य स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र शामिल है।

आवेदन पत्र समर्पित करने के समय श्री दास के पास आयोग के विज्ञापन के शर्तों के अनुरूप आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए मान्य सक्षम पदाधिकारी द्वारा निर्गत वर्ष 2001 से आवासीय प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था। श्री प्रमोद दास के मामले में नियुक्ति के समय स्थानीय प्रमाण पत्र संख्या-1654, दिनांक 20.05.2008 जो अनुमंडल पदाधिकारी, सदर राँची के द्वारा निर्गत है, में केवल शैक्षणिक कार्यों के लिए मान्य बताया गया है जबकि कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखण्ड सरकार के पत्र सं0-4156, दिनांक 17.07.2002 में स्पष्ट किया गया है कि नियोजन हेतु स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र निर्गत करने के प्रपत्र में स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र (नियोजन के लिए) उल्लिखित होना चाहिए।

इस तरह का प्रमाण पत्र निर्गत करने के पूर्व पिछले सर्वे रिकार्ड आॅफ राइटस इत्यादि में आवेदक या उसके पूर्वजों के नाम से जमीन बासगीत आदि का उल्लेख के जाँचोपरांत “स्थानीय निवासी” प्रमाण पत्र निर्गत किया जाना चाहिए। श्री दास के मामले में इस तरह का प्रमाण पत्र नियुक्ति के समय नहीं दिया गया है।

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखण्ड द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए श्री प्रमोद कुमार दास, झा0प्र0से0 के विरूद्ध प्रपत्र- ‘क’ का गठन कर एक पक्ष के अन्दर स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया है।

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