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सास बहू के रिश्ते से बंधी है परिवार की डोर

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किसी भी घर की गृहस्थी उस घर की विशिष्ट महिला के हाथ में होती है यानि की सास। उन्हीं के द्वारा घर को सुचारू रूप से चलाया जाता है। सास बहू को अपने जीवन की अनमोल धरोहर अपना बेटा देती है, सुव्यवस्थित घर-संसार देती है और सब से बढ़ कर उसे घर के उत्तरदायित्व व हक सौंपती है जो कल तक र्सिफ और र्सिफ उसके थे, तो फिर उसी सास को भविष्य में बहू के द्वारा उपेक्षा क्यों सहनी पड़ती है?

हर लड़की शादी के ढेरों सपने बुन कर ससुराल आती है किन्तु जब उन सपनों को रिश्तों के सिमित दायरे में बांध कर उन सपनों को रौंद दिया जाता है तो उस लड़की का शादी पर से विश्वास हट जाता है। उसका दिल दुखता है मगर उस दर्द पर मलहम लगाने के लिए वह किसके आगे गुहार लगाए। बहू अपना घर परिवार सब छोड़ कर दूसरे घर आती है मगर क्या भविष्य में यह दूसरा घर कभी उसका अपना हो पाता है।

यह खट्टा-मीठा सा रिश्ता पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है और आमतौर पर सास बहू को अपने बेटे की पत्नी की बजाए कब्जा कर लेने वाली वस्तु समझ बैठती है। आज की सास कल खुद एक बहू थी। बेटे की शादी होते ही वह यह बात भुल जाती है। बहू को ससुराल में प्रवेश करते ही अपने पति को बस में करने की बजाय अपनी सास को प्रेम और अपनेपन से अपने बस में करना चाहिए। ऐसा करने से पति तो स्वयं ही आपके बस में आ जाएंगे सास भी आपको अपनी बहू नहीं बेटी मानने लगेगी।

बहू को अच्छा लगता है जब सास उसे बेटी कह कर पुकारती है या प्यार से बरताव करती है। उस के बच्चे को बेहतर ढंग से संभालती है, बहू को अपने घर का हिस्सा समझती है और पति के साथ उस के रिश्ते को मजबूत बनाने में सहयोग देती है। वहीं, बहू को सास की अनचाही सलाह देने की आदत, असंवेदनशील और स्वार्थी व्यवहार बुरा लगता है। सास द्वारा उसे अच्छी मां/पत्नी बनने के गुर सिखाना या उस के बच्चे के साथ बुरा व्यवहार भी वह सह नहीं पाती।

सास बहू में समस्याएं तब होती हैं जब बहू के घर वाले उस के कान भरने लगते हैं। जिन घरों में लड़की के मायके वालों की दखलंदाजी हुई है वह बरबाद हुए हैं। जब तक लड़की के घर वाले उस के स्पोर्ट में खड़े रहेंगे, लड़की ससुराल में थोड़ा सा भी ऐडजस्ट करने को तैयार नहीं होगी। इसके विपरीत यदि लड़की को ससुराल में सब का खयाल रखने, अपने फर्ज को निभाने और सास को सम्मान देने की सीख दी जाए तो घर के सभी अधिकार उसे खुदबखुद मिल जाएंगे।

This post was written by Sarita Dash.

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