GST एक विस्तृत परिचय -(Part-1)बिक्री/सप्लाई पर दो करों को एकत्र करना

GST के दौरान आपको प्रारंभिक से यह देखना है कि अब आपको एक ही बिक्री /सप्लाई पर दो करों को एकत्र करना है और इस कानून का पालन यह माल एवं सेवाओं को मिलाते हुए करना है . ये दो कर निम्न प्रकार होंगे :-

(1).राज्य का GST (राज्य  के खाते में)
(2) कें द्र का GST ( केंद्र के खाते में)

इन्हें इस कानून के तहत एवं इस पुस्तक में इसे आगे एस.जी.एस.टी. और CGST के रूप में जाना जाएगा. GST के दौरान कर बिक्री  पर नहीं बल्कि  सप्लाई पर लगेगा और इससे क्या फर्क पडेगा इसे हम आगे  समझेंगे.

GST का  प्रारम्भिक  स्वरुप समझने का प्रयास करें 

देवघर  (झारखंड  ) का एक व्यापारी “A” देवघर के ही एक दूसरे व्यापारी Bको कोई माल 10 लाख रुपये में बेचता है और मान लीजिये की  राज्यों के GST ( SGST) की दर 8%  है एवं केंद्र के GST की दर 10%  रहती है,  इस प्रकार जी.एस.टी. की कुल दर 18% हुई तो “A” इस व्यवपार में 80000.00 रुपये SGST (राज्य का GST) एवं 1 लाख  लाख रुपये CGST (केंद्र का GST) के रूप में अपने खरीदार B से वसूल करेगा.

आइये इस सौदे का दूसरा भाग  देखें

इसी माल को देवघर का Bनामक व्यापारी अब झारखंड के ही अन्य शहर राँची के किसी  अन्य व्यापारी Cको 10.50 लाख रुपये में बेचता है तो वह 84000.00रुपये (SGST) एवं 1.05 लाख रुपये (CGST) के रूप में वसूल करेगा .

राज्य और केंद्र सरकार को राजस्व के रूप में क्या मिलेगा

यहाँ ध्यान रखे कि Bपहले से ही (CGST)  के रूप में अपना माल खरीदते हुए 80000.00 रूपये का भूगतान कर चुका है एवं CGST  के रूप में 1.00 लाख रुपये का भुगतान इसी प्रकार कर चुका है एवं इस प्रकार Bकी इनपुट क्रेडिट SGST   के रूप में 80000.00 रुपये है एवं  CGST  के रूप में इनपुट क्रेडिट 1.00 लाख रुपये है हजसे वह अपने द्वारा Cसे वसूल ककये गए कर में घटा कर जमा करा देगा. इस प्रकार BSGST के रूप में (रुपये 84000.00 – रुपये 80000.00 ) 4000.00 रुपये का भुगतान राज्य के खजाने में जमा कराएगा एवं इसी प्रकार से CGST (रुपये 1.05लाख रुपये 1.00 लाख ) 5000.00 रुपये केन्द्रीय सरकार के खजाने में जमा कराएगा. इस पूरे व्यवहार को देंखे तो इससे कें द्र सरकार को 1.05 लाख रूपये का कर मिलेगा और और राज्य सरकार को 84000.00 रुपया कर को मिलेगा. राज्य के भीतर ही बिक्री होने पर किसी राज्य और केंद्र दोनों का कर देना होगा। जी.एस.टी. जैसा कि ऊपर बताया गया है उसी तरह से लगेगा और इसके साथ ही राज्यों में लगने वाला VAT  और केंद्र में लगने वाला केन्द्रीय उत्पाद शुल्क Central Excise समाप्त हो जाएगा. इसके अतिरिक्त किसी राज्यों एवं केंद्र के लगने वाले कुछ अन्य कर भी समाप्प्त हो जायेंगे जिनमें केन्द्रीय बिक्री कर अर्थात सेंट्रल एक्साइज , सेवा कर  इत्यादि  भी शामिल है .

GST और दो राज्यों के बीच का व्यापार (अंतरप्रांतीय बिक्री- Interstate Sale ). (continue)…

 चंदन दुबे, निदेशक संकल्प आईएएस अकैडमी

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