in , , , ,

झारखंड भाजपा ने स्पष्ट कर दिया कि उनका अगला मुख्यमंत्री भी गैर आदिवासी !

झारखंड भाजपा

झारखंड भाजपा ने साफ़ कर दिया कि उनका अगला मुख्यमंत्री भी अर्जुन मुंडा नहीं  -रायमुल बान्डरा  …

भाजपा चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव यह कहने से नहीं चुके कि झारखंड में पार्टी का मुख्‍यमंत्री चेहरा फिर होंगे  रघुवर दास, अपने आप में गहरी राजनीतिक अर्थ समेटे प्रतीत होता है। झारखण्ड में राजनीति करने वाले आदिवासी नेता भाजपा की  यह भाषा भली भांति समझ रहे हैं। उनके इस कथन से ख़ास कर झारखंड भाजपा के आदिवासी नेता समझ रहे हैं कि उन्हें सिरे से दरकिनार कर दिया गया है।

इसे समझने के लिए यह जानना जरुरी है कि भूपेंद्र यादव कौन है? साथ ही भूपेंद्र यादव का भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से कैसा सम्बन्ध हैं? पड़ताल से पता चलता है कि भूपेंद्र यादव को भाजपा के चुनावी चाणक्य माने जाने वाले अमित शाह ने सोच समझ कर गुजरात चुनाव का प्रभारी बनाया है। इस सांगठनिक संबंध से पता चलता है कि भूपेंद्र यादव अमित शाह के करीबी हैं। उनके बीच की यह करीबी अब सीधा झारखंड भाजपा इकाई की राजनीतिक दशा-दिशा निश्चित ही तय कर रही है।

आदिवासी नेताओं के संदर्भ में भूपेंद्र यादव द्वारा कही कथन का उनकी राजनीति पर क्या असर पड़ेगा? इस स्टेटमेंट से भाजपा के केंद्रीय नेतृव ने स्पष्ट सन्देश दिया है कि झारखण्ड में अगला मुख्यमंत्री भी आदिवासी नेता नहीं होगा। जबकि  झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा कयास लगाए बैठें थे कि वे अगले मुख्यमंत्री पद के दावेदार है।

राजनीतिक विश्लेषण से यह स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा अर्जुन मुंडा को अगला मुख्यमंत्री  नहीं बनाएगी। अनुमान यह भी लगाया जा सकता है कि उरांव समुदाय ने हमेशा भाजपा को सबसे अधिक विधायक दिया है इसलिए मुख्यमंत्री भी इसी समुदाय से होना चाहिए। यह केवल अनुमान ही है और रहेगा क्यूँकि केंद्रीय नेतृव ने साफ़ कर दिया है कि रघुबर दास ही फिर से झारखंड भाजपा के मुख्यमंत्री होंगे और मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ी जायेगी।

भाजपा की एक राजनीतिक परंपरा यह भी रही है कि किसी राज्य में मुख्यमंत्री चेहरा नहीं है तो नरेन्द्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़ा जाता है। बहुमत संख्या हासिल होने के बाद भाजपा वैसे व्यक्ति का मुख्यमंत्री के रूप में चयन करती है जो केंद्रीय नेतृव के नक्से कदम पर बिना किन्तु-परन्तु के चल सके। यह प्रयोग झारखंड, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में देखा जा सकता है। साथ ही झारखण्ड में भाजपा ने  यहाँ के आदिवासियों को भ्रमित करने के लिए लक्ष्मण गिलुआ को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया हैं जिससे यह समुदाय इस विषय को लेकर कोई सवाल ना उठा सके।

What do you think?

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading…

0
ज्योतिराव फुले स्त्री मुक्ति के द्योतक

ज्योतिराव फुले : क्यों दलित-आदिवासी-मूलवासी के प्रतीकों को भूल जाती है रघुवर सरकार ?

आदिम

आदिम जनजातियां हासिये पर: इनके हक़ के लिए बुलंद आवाज की जरूरत!