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खरसावाँ गोलीकांड : आजाद भारत का झारखण्डी जलियावाला बाग़ काण्ड

खरसावाँ गोलीकांड

अलग झारखण्ड राज्य के लिए हमारे पूर्वज नौजवानों ने आजाद भारत की सबसे बड़ी शहादत ‘खरसावाँ गोलीकांड’ में दी, जिसे आनेवाली हजारों पीढियां ससम्मान याद करती रहेगी। साथ ही जब भी कभी कोई गलत मंशा से झारखण्ड में कदम रखेगा, खरसावाँ गोलीकांड के शहीदों की राजनीतिक चेतना और समर्पण से …

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आदिम जनजातियां हासिये पर: इनके हक़ के लिए बुलंद आवाज की जरूरत!

आदिम

वर्तमान झारखंड में अनुसूचित जनजाति की सूची के अंतर्गत 32 जनजातियों में से 9 आदिम जनजाति की श्रेणी में आते हैं। झारखंड में 1961 के दशक में इन जनजातियों का आबादी करीब 2,50,000 थी जो वर्तमान घटकर महज 2,00,000 के भीतर रह गई है। अद्यतन आंकड़े के अनुसार इस समय …

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ज्योतिराव फुले : क्यों दलित-आदिवासी-मूलवासी के प्रतीकों को भूल जाती है रघुवर सरकार ?

ज्योतिराव फुले स्त्री मुक्ति के द्योतक

ज्योतिराव फुले स्त्री मुक्ति के द्योतक : क्यों दलित-आदिवासी-मूलवासी के प्रतीकों याद करना भूल जाती है रघुवर सरकार ? ज्योतिराव फुले जी की पूण्यतिथि झारखंड में भी दलित संस्थाओं समेत कई अन्य सस्थानों ने मनाई, लेकिन अचंभित यह है कि झारखंड सरकार ने इन्हें याद करना जरूरी नहीं समझा। यह …

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झारखंड में बिजली की हालत करेगी रघुबर सरकार की बत्ती गुल

झारखंड में बिजली की हालत करेगी रघुबर सरकार की बत्ती गुल

झारखंड में बिजली की हालत  झारखंड में बिजली सुधार के नाम पर रघुबर सरकार लंबी-लंबी फेंकती रही हैं, कभी कहती है कि राज्य के पूरे गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है, कभी कहती हैं कि काम जारी है, कभी कहती है कि बिजली की सेवा, नवम्बर तक सामान्य हो जायेगी, …

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जनता की भलाई के जगह अंबानी की भलाई करती मोदी सरकार

जनता की यह कैसी पेहरिदारी

महज चंद दिनों पहले जब प्रधानमन्त्री ने कथित रूप से उत्तर प्रदेश में परियोजनाओं की नींव रखने के क्रम में 50 बड़े पूँजीपतियों को सम्बोधित करते हुए कहा था कि ‘अगर नेक नीयत हो तो उद्योगपतियों के साथ खड़े होने में दाग़ नहीं लगता!’ उस समय पूरी देश की जनता …

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स्त्री मुक्ति के पक्षधर व जाति उन्मूलन आन्दोलन के योद्धा ज्योतिबा फुले

ज्योतिबा फुले

स्त्री मुक्ति के पक्षधर व जाति उन्मूलन आन्दोलन के योद्धा ज्योतिबा फुले आज ज्योतिबा फुले का स्मृतिदिन है। लगभग 169 वर्ष पहले ज्योतिबा फुले ने बालिकाओं के लिए पहला विद्यालय खोलने का निर्णय लिया था। विधवा विवाह का समर्थन, विधवाओं के बाल कटने से रोकने के लिए नाइयों की हड़ताल, …

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त्‍योहार समाज में अमीरों के लिए ‘स्‍टेटस सिंबल’ बनकर रह गये

त्‍योहार

होली-दिवाली-दशहरा---- सभी त्‍योहार समाज में अमीरों के लिए 'स्‍टेटस सिंबल' बनकर रह गये हैं। जिसकी गॉंठ में जितना पैसा, उसका त्‍योहार उतना ही रौशन और रंगीन। आम लोगों के लिए तो त्‍योहार बस भीषण तनाव ही लेकर आते हैं।

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अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों का एक आलोचनात्‍मक विवेचन video

अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों

जाति विरोधी आन्‍दोलन के तीन महत्‍वपूर्ण व्‍यक्तित्‍व अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों का एक आलोचनात्‍मक विवेचन प्रिय साथियो, जाति प्रश्‍न पर हुई वर्कशॉप का आज छठा वीडियो अपलोड किया है। इस वीडियो में आधुनिक भारत के जाति विरोधी आन्‍दोलन के तीन महत्‍वपूर्ण व्‍यक्तित्‍व अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों का एक …

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क्रान्ति ईश्वर-विरोधी हो सकती है लेकिन मनुष्य-विरोधी नहीं

क्रान्ति

क्रान्ति कोई मायूसी से पैदा हुआ दर्शन भी नहीं और न ही सरफ़रोशों का कोई सिद्धान्त है हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का घोषणापत्र’ लाहौर कांग्रेस में बाँटे गये इस दस्तावेज़ को भगतसिंह और अन्य साथियों से विचार-विमर्श के बाद मुख्य रूप से भगवतीचरण वोहरा ने लिखा था। दुर्गा भाभी और …

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अछूत का सवाल : शहीद भगतसिंह का जाति के प्रति नजरिया

अछूत का सवाल

अछूत का सवाल : इन लेखों को कहीं आगे फॉरवर्ड करने से पहले खुद जरूर पढ़िए। WhatsApp/facebook पर लोगों की आदत होती है कि कोई अच्छी चीज देखते हैं तो फॉरवर्ड करते हैं और उसके बाद खुद ही भूल जाते हैं। भगत सिंह को सच्ची सलामी यही हो सकती है …

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असेम्बली में क्या वास्तव में बम फेंके गये थे, यदि हाँ तो क्यों?

असेम्बली

28 सितंबर को भारत के महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह की जयंती है। भगत सिंह भारत के उन चंद क्रांतिकारियों में से हैं जिनका नाम देश का बच्चा बच्चा जानता है। हर चुनावबाज पार्टी भगत सिंह को याद करती है पर क्या सचमुच वो भगत सिंह के सपनों का भारत …

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भगत सिंह । मेरा साथी, मित्र और नेता (एक यादगार पल) : शिव वर्मा

भगत सिंह

एक दिन प्रात: जब मैं कमरे में बैठा कालेज का काम पूरा कर रहा था तो सुना बाहर पड़ोसी से कोई मेरा पता पूछ रहा है। अपना नाम सुनकर मैं बाहर निकल आया, देखा मैला शलवार-कमीज पहने कम्बल ओढ़े एक सिख नौजवान ( भगत सिंह ) सामने खड़ा है- लंबा कद, …

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न्यूजीलैंण्ड के एक लेखक ! भारत में व्यापक रूप से फैंलें भष्टाचार पर -विनोद कुमार

ब्रयान, न्यूजीलैंण्ड

दुनिया के भ्रष्टाचार मुक्त देशों में शीर्ष पर गिने जाने वाले न्यूजीलैंण्ड के एक लेखक ब्रायन ने भारत में व्यापक रूप से फैंलें भष्टाचार पर  एक लेख लिखा है। न्यूजीलैंण्ड का यह लेख सोशल मीडि़या पर काफी वायरल हो रहा है। न्यूजीलैंण्ड के इस लेख की लोकप्रियता और प्रभाव को …

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स्मार्ट सिटी के नाम पर कच्ची बस्तियों से लोगों को खदेड़ना शुरू -मुनीश मैन्दोला

स्मार्ट सिटी

स्मार्ट सिटी के नाम पर जयपुर आदि शहरों में एक-एक करके कच्ची बस्तियों से लोगों को खदेड़ना शुरू राजस्थान के जयपुर में पिछले कुछ दिनों से स्मार्ट सिटी के नाम पर कच्ची बस्तियों को हटाने का सरकारी अभियान शुरू किया गया है। कुण्डा, सिरसी रोड, खड्डा बस्ती, झालाना इन्दिरा नगर आदि …

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डायनासोर विनाश करने वाले क्षुद्रग्रह के कारण धरती दो वर्षों तक अँधेरे में रही

डायनासोर विनाश

डायनासोर को मारने वाले क्षुद्रग्रह के कारण पृथ्वी दो वर्षों तक अँधेरे में रही थी एक अध्ययन में यह पाया गया है कि, करीब 66 मिलियन वर्ष पहले पहले पृथ्वी पर टकराकर डायनासोर प्रजाति का विनाश करने वाले विशाल क्षुद्रग्रह की वजह से यह धरती करीब दो वर्षों तक अँधेरे में रही थी। क्षुद्रग्रह की वजह से जंगलों में भयानक आग (दावानल) लग …

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आखिर बहुजनो का नैतिक पतन क्यों? ( प्रमुख कारण ‘जर’)-द्रुगेश गुलशन यादव

आखिर बहुजनो का नैतिक पतन क्यों

आखिर हमारे बुजुर्गो ने सच ही कहा है कि-  संसार मे जितने भी विवाद या झगड़े होते है, उनके कारण होते है, जर, जोरू, और जमीन।  इन तीनो में सबसे प्रमुख कारण ‘जर’ अर्थात धन। इतिहास ऐसे प्रमाणों से भरा पड़ा है, जहाँ धन की प्राप्ति के लिए खून की नदियां …

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युद्ध अभी जारी है…शहीद भगत सिंह राजगुरु सुखदेव का बयान

युद्ध अभी जारी है…

युद्ध अभी जारी है… फाँसी पर लटकाये जाने से 3 दिन पूर्व – 20 मार्च, 1931 को – भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु ने पंजाब के गवर्नर को यह पत्र भेजकर माँग की थी कि उन्हें युद्ध बन्दी माना जाये तथा फाँसी पर लटकाये जाने के बजाय गोली से उड़ा दिया …

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GST एक विस्तृत परिचय -(Part-1)बिक्री/सप्लाई पर दो करों को एकत्र करना

GST एक विस्तृत परिचय

GST के दौरान आपको प्रारंभिक से यह देखना है कि अब आपको एक ही बिक्री /सप्लाई पर दो करों को एकत्र करना है और इस कानून का पालन यह माल एवं सेवाओं को मिलाते हुए करना है . ये दो कर निम्न प्रकार होंगे :- (1).राज्य का GST (राज्य  के खाते …

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जीएसटी : कॉरपोरेट पे करम, जनता पे सितम, की एक और औज़ार

जीएसटी कॉरपोरेट पे करम

जीएसटी : आखि़र  केन्द्र-राज्यों में सत्ताधारी सभी पार्टियों ने पूर्ण सहमति से जीएसटी की दरें और नियम तय कर 1 जुलाई से इसे लागू कर दिया। पूँजीपति वर्ग के सभी संगठनों, कॉरपोरेट नियन्त्रित मीडिया और आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा इसे ऐतिहासिक आर्थिक सुधार बताकर इसकी भारी वाहवाही की जा रही है। …

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मुंशी प्रेमचंद : उनका समय और हमारा समय : निरंतरता और परिवर्तन के द्वंद्व

मुंशी प्रेमचंद , उनका समय और हमारा समय

मुंशी प्रेमचंद को जानने के लिए ये लेख जरूर पढ़ें (…कविता कृष्‍णपल्‍लवी) मुंशी प्रेमचंद की 300 से अधिक कहानियों में से कम से कम 20 तो ऐसी हैं ही, जिनकी गणना विश्व की श्रेष्ठतम कहानियों में की जा सकती है और जिनकी बदौलत उनका स्थान मोपासां, चेखोव आदि श्रेष्ठतम कथाकारों …

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