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आर्टिकल

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किसी भी विषय या वस्तु या चीज का संक्षिप्त और तार्किक वर्णन है, जो वस्तुओं के मूलभूत विशिष्ट गुण या संकल्पनाओं के अर्थ, अंतर्वस्तु और सीमाएं बताता है। किसी शब्द या वाक्यांश या संकेत की व्याख्या करने वाले गद्यांश को भी परिभाषा कह सकते हैं। उदाहरण के लिए, भौतिकी में ‘शक्ति’ की परिभाषा निम्नलिखित प्रकार से की जाती है-“कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं।”

भारत में भाषा के तत्त्वमीमांसीय व ज्ञानमीमांसीय पक्षों पर सुदूर प्राचीन काल से ही विचार आरम्भ हो गया था। व्याकरण की रचना के लिए अनेक पारिभाषिक शब्दों का आश्रय लेना पड़ा। नाम, आख्यात उपसर्ग, निपात, क्रिया, लिङ्ग, वचन, विभक्ति, प्रत्यय इत्यादि शब्दों के माध्यम से भाषा के विभिन्न रूपों का विश्लेषण किया गया। गहरा चिन्तन, सूक्ष्म विचार और सत्य के अन्वेषण की पद्धति को दर्शन कहा जाता है। इस कारण भाषा के विश्लेषण को भी दर्शनशास्त्र का स्तर मिल गया। वैदिक साहित्य में ही इस स्तर को स्वर मिलना आरम्भ हो गया था।

त्‍योहार समाज में अमीरों के लिए ‘स्‍टेटस सिंबल’ बनकर रह गये

त्‍योहार

होली-दिवाली-दशहरा---- सभी त्‍योहार समाज में अमीरों के लिए 'स्‍टेटस सिंबल' बनकर रह गये हैं। जिसकी गॉंठ में जितना पैसा, उसका त्‍योहार उतना ही रौशन और रंगीन। आम लोगों के लिए तो त्‍योहार बस भीषण तनाव ही लेकर आते हैं।

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न्यूजीलैंण्ड के एक लेखक ! भारत में व्यापक रूप से फैंलें भष्टाचार पर -विनोद कुमार

ब्रयान, न्यूजीलैंण्ड

दुनिया के भ्रष्टाचार मुक्त देशों में शीर्ष पर गिने जाने वाले न्यूजीलैंण्ड के एक लेखक ब्रायन ने भारत में व्यापक रूप से फैंलें भष्टाचार पर  एक लेख लिखा है। न्यूजीलैंण्ड का यह लेख सोशल मीडि़या पर काफी वायरल हो रहा है। न्यूजीलैंण्ड के इस लेख की लोकप्रियता और प्रभाव को …

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स्मार्ट सिटी के नाम पर कच्ची बस्तियों से लोगों को खदेड़ना शुरू -मुनीश मैन्दोला

स्मार्ट सिटी

स्मार्ट सिटी के नाम पर जयपुर आदि शहरों में एक-एक करके कच्ची बस्तियों से लोगों को खदेड़ना शुरू राजस्थान के जयपुर में पिछले कुछ दिनों से स्मार्ट सिटी के नाम पर कच्ची बस्तियों को हटाने का सरकारी अभियान शुरू किया गया है। कुण्डा, सिरसी रोड, खड्डा बस्ती, झालाना इन्दिरा नगर आदि …

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आखिर बहुजनो का नैतिक पतन क्यों? ( प्रमुख कारण ‘जर’)-द्रुगेश गुलशन यादव

आखिर बहुजनो का नैतिक पतन क्यों

आखिर हमारे बुजुर्गो ने सच ही कहा है कि-  संसार मे जितने भी विवाद या झगड़े होते है, उनके कारण होते है, जर, जोरू, और जमीन।  इन तीनो में सबसे प्रमुख कारण ‘जर’ अर्थात धन। इतिहास ऐसे प्रमाणों से भरा पड़ा है, जहाँ धन की प्राप्ति के लिए खून की नदियां …

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युद्ध अभी जारी है…शहीद भगत सिंह राजगुरु सुखदेव का बयान

युद्ध अभी जारी है…

युद्ध अभी जारी है… फाँसी पर लटकाये जाने से 3 दिन पूर्व – 20 मार्च, 1931 को – भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु ने पंजाब के गवर्नर को यह पत्र भेजकर माँग की थी कि उन्हें युद्ध बन्दी माना जाये तथा फाँसी पर लटकाये जाने के बजाय गोली से उड़ा दिया …

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GST एक विस्तृत परिचय -(Part-1)बिक्री/सप्लाई पर दो करों को एकत्र करना

GST एक विस्तृत परिचय

GST के दौरान आपको प्रारंभिक से यह देखना है कि अब आपको एक ही बिक्री /सप्लाई पर दो करों को एकत्र करना है और इस कानून का पालन यह माल एवं सेवाओं को मिलाते हुए करना है . ये दो कर निम्न प्रकार होंगे :- (1).राज्य का GST (राज्य  के खाते …

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जीएसटी : कॉरपोरेट पे करम, जनता पे सितम, की एक और औज़ार

जीएसटी कॉरपोरेट पे करम

जीएसटी : आखि़र  केन्द्र-राज्यों में सत्ताधारी सभी पार्टियों ने पूर्ण सहमति से जीएसटी की दरें और नियम तय कर 1 जुलाई से इसे लागू कर दिया। पूँजीपति वर्ग के सभी संगठनों, कॉरपोरेट नियन्त्रित मीडिया और आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा इसे ऐतिहासिक आर्थिक सुधार बताकर इसकी भारी वाहवाही की जा रही है। …

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पनामा पेपर्स मामला : समझने के लिए ये लेख पढ़ें  (…मानव)

पनामा पेपर्स के दस्‍तावेज

पनामा पेपर्स के दस्‍तावेज पिछले साल जब जारी हुए थे, ये लेख उस वक्‍त लिखा गया था। नवाज शरीफ के इस्तीफे ने इस मामले को फिर उछाला है लेकिन भारत के इतने सारे भ्रष्‍टाचारी इस लिस्ट में होने के बावजुद पाक साफ बचे हुए हैं। इस मामले को समझने के लिए …

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कश्मीर की समस्या आधी हो जायेगी, 370 हटाने से पहले सरकार कर ले यह काम

कश्मीर की समस्या

कश्मीर की कारस्तानी का अगर जायजा लेना हो तो आपको जम्मू कश्मीर विधानसभा की सीटों का विश्लेषण करना होगा। J & K का असली क्षेत्रफल 222236 वर्ग किलोमीटर है। इसमें से भारत के पास सिर्फ 101387 वर्ग किलोमीटर इलाका है जो लद्दाख, जम्मू और कश्मीर तीन हिस्सों में विभक्त है …

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जानिए IPC धारा-302 के बारे में

आईपीसी की धारा 302 कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण है। कत्ल के आरोपियों पर धारा 302 लगाई जाती है। अगर किसी पर कत्ल का दोष साबित हो जाता है, तो उसे उम्रकैद या फांसी की सजा और जुर्माना हो सकता है। कत्ल के मामलों में खासतौर पर कत्ल के इरादे …

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बच्चो को परिवार का महत्व समझाओ

एक पार्क मे दो बुजुर्ग बैठे बातें कर रहे थे..! पहला :– मेरी एक पोती है..! शादी के लायक है..! BA किया है..! job करती है..! कद -5″2 इंच है..! सूंदर है..! कोई लड़का नजर में हो तो बताइएगा..! दूसरा :– ” आपकी पोती को किस तरह का परिवार चाहिए..? …

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आधार पर सरकारी ज़बर्दस्ती की वजह क्या है?

✍मुकेश असीम मोदी सरकार द्वारा आधार के दायरे को व्यापक बनाने का कार्य निरन्तर जारी है। 2009 में जब तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा आधार कार्ड बनाने की योजना शुरू की गयी थी, तो कहा गया था कि इसमें पंजीकरण करवाना स्वैच्छिक होगा। इसका उपयोग शंका की स्थिति में किसी व्यक्ति …

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​बेहिसाब बढ़ती महँगाई यानी ग़रीबों के ख़िलाफ सरकार का लुटेरा युद्ध

यह सरकार की जनविरोधी, कॉरपोरेट-परस्त नीतियों का नतीजा है सम्पादक मण्डल, मज़दूर बिगुल ‘बहुत हुई महँगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’ के लुभावने नारे से बेहिसाब महँगाई की मार झेल रही जनता के एक हिस्से को भरमाकर उसके वोट बटोरने के बाद भाजपा की अपनी महँगाई तो दूर हो …

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बाबा साहेब डॉ० भीमराव आंबेडकर का अपमान मत करो: इं. डी. प्रकाश गौतम

बौद्ध

जैसा कि सभी जानते हैं कि बाबा साहेब डॉo भीमराव आंबेडकर विश्वरत्न है। बाबा साहेब डॉ० आंबेडकर पूरी दुनिया में अपने त्याग, समर्पण, मानवतावादी दृष्टिकोण, शोषितों के मसीहा, शिक्षा, संगठन और संघर्ष की बदौलत जाने जाते हैं। सर्वविदित है कि बाबा साहेब डॉ0 भीमराव आंबेडकर से बड़ा विद्धवान अभी तक …

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इस गांव में हर कोई है बौना !!

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि पूरी दुनिया में सिर्फ नाम मात्र के ही बौने लोग बचे है। वैसे इस गांव के बारें में जानकर आप भी सोच रहें होंगे कि भला वहां के लोग कैसे अपना जीवन व्यतीत करते है ? इस गांव के लगभग सभी लोगो की अधिकतम …

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महाप्रभु शिव जी के 18 रूप और नामों की कहानी।

शिव की लीलाओं की तरह शिव की महिमा भी अपरंपार है, जिसकी वजह से शिव के नाम भी निराले और अनेक हैं। पुराणों में शिव को कई नामों से पुकारा गया है, जिसका संबंध किसी न किसी घटना या उद्वार से जुड़ा हुआ है। कौन से नाम शिव के क्यों …

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सरकारी-प्राइवेट स्कूल टीचर 31 मार्च 2019 तक हासिल करें बीएड डिग्री, वर्ना जाएगी नौकरी

(राजिन्दर मिडडा   21 जुलाई 2017) लोकसभा में आज एक महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा हुई. जिसमें देश के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के करीब आठ लाख शिक्षकों को बीएड की योग्यता हासिल करने का आखिरी मौका दिया गया है। हालांकि, सरकार ने साथ ही कहा कि 31 मार्च 2019 तक …

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महर्षि अरविन्द से महामहिम कोविन्द तक गरीबों और किसानों की बात , फिर भी समस्या जस की तस !

महर्षि अरविन्द से महामहिम कोविन्द तक गरीबों और किसानों की बात , फिर भी समस्या जस की तस ! आखिर इस मर्ज की दवा क्या है ? मित्रों ! विजय के तत्काल बाद देश के भावी महामहिम माननीय कोविन्द जी का प्रथम वक्तव्य उनकी आत्मा की आवाज थी ,जिसने कोटि …

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निर्वाचन कार्ड एवं ईवीएम को आधार कार्ड से लिंक करने की जरूरत- सूरज कुमार बौद्ध

राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। श्री रामनाथ कोविंद जी भारत के अगले राष्ट्रपति होंगे। मैं कुछ आगे लिखूं इससे पहले श्री रामनाथ कोविंद को भारत के राष्ट्रपति चुने  जाने पर मेरा हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं। राष्ट्रपति चुनाव एवं बैलेट पेपर का इस्तेमाल राष्ट्रपति चुनाव में जनप्रतिनिधियों द्वारा बैलेट …

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ब्रह्माण्ड के रहस्यों को सुलझाने की दिशा में बढ़ा इन्सान का एक और क़दम

सत्यम मनुष्य हमेशा ही ब्रह्माण्ड के रहस्यों को समझने की कोशिश करता रहा है।  हज़ारों साल पहले जब मनुष्य जंगलों में रहता था तब उसे प्रकृति के रहस्य जादू-टोने की तरह लगते थे और वह मौसम बदलने, बिजली गिरने, जीवन और मृत्यु जैसी प्राकृतिक घटनाओं को अदृश्य और जादुई शक्तियों …

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