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ओस कण पर जब उदीयमान सूर्य की किरणें पड़ती हैं, ओस कण से सतरंगी किरणें निकलने लगती हैं जो एक मनोहारी दृश्य प्रस्तुत करता है साथ ही शीतल सुखद एहसास भी प्रदान करता है।
इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति हेतु ओस टाइम्स आपके समक्ष प्रस्तुत है जो समाचार, विचार, समसामयिक लेख, चिंतन, मनोरंजन, स्वास्थ्य, ज्योतिष, वास्तु, खेल के सभी आयामों का खजाना अविराम उपलब्ध कराता रहेगा।
तभी तो बदलते परिवेश की ख़बरें महिला जगत, बाल जगत की खबरें नए नए शोध एवं खोज की खबरे भी ओस टाइम्स का खास आकर्षण होगा।

 

ओस कण पर जब उदीयमान सूर्य की किरणें पड़ती हैं, ओस कण से सतरंगी किरणें निकलने लगती हैं जो एक मनोहारी दृश्य प्रस्तुत करता है साथ ही शीतल सुखद एहसास भी प्रदान करता है।
इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति हेतु ओस टाइम्स आपके समक्ष प्रस्तुत है जो समाचार, विचार, समसामयिक लेख, चिंतन, मनोरंजन, स्वास्थ्य, ज्योतिष, वास्तु, खेल के सभी आयामों का खजाना अविराम उपलब्ध कराता रहेगा।
तभी तो बदलते परिवेश की ख़बरें महिला जगत, बाल जगत की खबरें नए नए शोध एवं खोज की खबरे भी ओस टाइम्स का खास आकर्षण होगा।

भारत को मीडियाकर्मियों के लिए एशिया का सबसे खतरनाक देश

मीडियाकर्मी

रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स ने अपनी वाषिर्क रिपोर्ट में कहा है कि साल 2015 में दुनिया भर में कुल 110 पत्रकार मारे गए हैं, जिनमें नौ भारतीय पत्रकार शामिल हैं।

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वेश्‍यावृत्ति इसलिए कायम है क्योंकि भारी संख्या में भूखी-नंगी लड़कियाँ मौजूद हैं

वेश्‍यावृत्ति

अकेले भारत में ही लगभग 30 लाख से ज्यादा वेश्याएं हैं। इनमें 12 से 15 साल तक की करीब 35 प्रतिशत लड़कियाँ हैं जो इस अमानवीय धन्धे में फँसी हुई हैं। हर साल लाखों औरतों और लड़कियों की एक जगह से दूसरी जगह तस्करी की जाती है और जबरन इस धन्धे में धकेला जाता है।

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त्‍योहार समाज में अमीरों के लिए ‘स्‍टेटस सिंबल’ बनकर रह गये

त्‍योहार

होली-दिवाली-दशहरा---- सभी त्‍योहार समाज में अमीरों के लिए 'स्‍टेटस सिंबल' बनकर रह गये हैं। जिसकी गॉंठ में जितना पैसा, उसका त्‍योहार उतना ही रौशन और रंगीन। आम लोगों के लिए तो त्‍योहार बस भीषण तनाव ही लेकर आते हैं।

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भीड़ की हिंसा – समाज का हत्यारा चेहरा या बेचेहरा हत्यारा? (कविता कृष्णपल्लवी)

भीड़ की हिंसा

भीड़ की हिंसा -बेचेहरा हत्यारा या समाज का हत्यारा चेहरा ये अतिमहत्‍वपूर्ण लेख जरूर पढ़ें। थोड़ा लम्‍बा है पर जब आप पूरा पढ़ लेंगे तो आपको पता चल जायेगा कि इस अतिरिक्‍त आग्रह का क्‍या कारण है। पहली बार जब ख़बर आयी कि हमारे दोस्‍तों का कत्‍ल किया जा रहा …

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जय शाह का केस क्या है? क्या है इस मामले का अन्धरुनी सच

जय शाह

जय शाह ! अमित शाह के पुत्र  के पास 16000 गुना कमाई कहाँ से आई? जवाब मिला की राजेश खंडवाला से 15.78 करोड़ का ऋण लिया गया है, राजेश खंडवाला परिमल नथवाणी के संबंधी हैं, परिमल नथवाणी झारखण्ड से बीजेपी समर्थित राज्य सभा सांसद है और अम्बानी की रिलायंस कंपनी …

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धर्म परिवर्तन करनेवाले परिवारों का राशन-पानी बंद, क्या है पूरा मामला?

धर्म परिवर्तन

झारखण्ड, लातेहार जिले में  पेसरार पंचायत के रेहलदाग गांव में धर्म परिवर्तन करनेवाले एक दर्जन परिवारों का राशन-पानी गांववालों ने बंद कर दिया गया  है. इनका गुनाह सिर्फ इतना है कि इन्होंने दुर्गा पूजा चंदे की पूरी राशि नहीं दे पाए. नतीजतन इन परिवारों पर पुराना धर्म अपनाने का दबाव …

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आदिवासी महिला पार्वती मुर्मू को क्या मिल सकेगा मौजूदा सरकार से न्याय?

आदिवासी महिला पार्वती मुर्मू

रांची। चका चोंध और तामझाम के बिच नेता राजेंद्र जी का कार्यक्रम समाप्तिउपरांत राँची राज्यभवन के पास कथित धरना स्थल पर अफरातफरी मच गयी। पात्रकार भी उत्सुकतावस तफतीस के प्रयास में जुट गए कि आखिर मामला क्या है? पता चला कि गरीब जनता नेता जी के लिए नहीं बल्कि अपने …

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डेंगू फिर फैल रहा है। बात अभी भी वही है जो दो साल पहले थी।

डेंगू

मोटे तौर पर देखा जाए तो प्रति 1 लाख की जनसंख्या में से 88 लोग इस बीमारी का शिकार हर साल हो जाते हैं। जाहिर है कि ये आंकड़े देश के स्वास्थ्य की भयावह तस्वीर पेश करते हैं। लेकिन इससे भी भयावह वह तस्वीर है जो यह मानवता विरोधी व्यवस्था इन बीमारियों की रोकथाम और इलाज के दौरान प्रस्तुत करती है।

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झारखण्ड में भी भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्ष ने भरी हुंकार

झारखण्ड हेमंत सोरेन

मेदिनीनगर ( झारखण्ड ) जिले के पांडू थाना क्षेत्र अंतर्गत रत्नाग के अनशनकारी किसान गुप्तेश्वर सह ने आरोप लगाया कि किसानों के साथ यह सरकार अन्याय कर रही है। वित्तीय वर्ष 2013-14 के फसल बीमा का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। अविलंब भुगतान की मांग करते हुए वे …

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पाखण्डवाद का पर्दाफाश करती उदय कुमार की कविता – ये है कैसा करवाचौथ..?

पाखण्डवाद का पर्दाफाश

पाखण्डवाद का पर्दाफाश करती यह कविता – ” ये है कैसा करवाचौथ..?” यह तथ्य है कि अपने पुरखों की प्रेरणा को मुकम्मल मकाम तक पहुंचाते बाबा साहेब अंबेडकर ने भारत की महिलाओं को ब्राम्हणवाद की चंगुल से मुक्त कराया। उठने , पढ़ने-लिखने, नौकरी करने, अपनी बात रखने , प्रसव के …

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पत्रकार के घर घुसकर उन्हें एवं उनके परिवार को मारने की कोशिश -मयंक कुमार

पत्रकार मयंक कुमार

ब्यूरो वाराणसी। रोहनिया थाना अंतर्गत ग्राम – देऊरा, पोस्ट- काशीपुर, जिला- वाराणसी का मयंक कुमार पुत्र बाल गोविंद राम मूल निवासी एवं पेसे से पत्रकार है। काफी दिनों से इनके ही गांव के रहने वाले, कमला पटेल, फुल गेना पति शारदा पाल, लालमनी पाल पति लल्लन पाल, मंजू पाल पत्नी …

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गोरक्षा : गाली देते हुए कहते हैं, जिसको खाना है खाए, न खाना हो न खाए!

गोरक्षा

सरकार की गोरक्षा के चक्कर में पशुधन ही किसानों का दुश्मन हो गया है’ ग्राउंड रिपोर्ट: अब खेती में बैलों का उपयोग नहीं होता। सरकार की गोरक्षा अभियान के तहत बूचड़खाने बंद होने के बाद उन्हें ख़रीदने वाला भी कोई नहीं। बड़ी संख्या में आवारा जानवर खेतों को तबाह कर …

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धर्मशास्त्र द्वारा आधी-आबादी का दमन ( अगर मांगने से दुआ कबूल होती) -कविता

धर्मशास्त्र द्वारा आधी-आबादी का दमन

धर्मशास्त्र से आधी आबादी को अपने हक़ के लिए लड़ने को प्रेरित करती सूरज कुमार बौद्ध की कविता : -अगर मांगने से दुआ कबूल होती। धर्मशास्त्र : हजारों सालों से धर्मशास्त्रों के माध्यम से इस देश के आधी आबादी का दमन होता रहा। मनुस्मृति जैसे धर्मशास्त्र इस उत्पीड़न को धर्म …

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प्रणाम : चारेां महानुभावों को मेरा प्रणाम! –उदयमोहन पाठक (अधिवक्ता)

प्रणाम

एक किसान कही जा रहा था। रास्ते में उसे चार आदमी मिले। किसान ने उन्हें स्वभाववश प्रणाम किया और आगे बढ़ गया। कुछ आगे बढ़ते ही चारों यह कहकर आपस में लड़ने लगे कि किसान ने मात्र उसे प्रणाम किया। उन्होंने किसान को बुलाकर पूछा भाई तुमने किसे प्रणाम किया? …

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माला जाति के 1200 दलितों का साामाजिक बहिष्कार जारी -आनन्द सिंह

माला जाति के 1200 दलितों

तटीय आन्ध्र में जाति‍ व्यवस्था के बर्बर रूप की बानगी चार महीने से भी अधिक समय से जारी है माला जाति के 1200 दलितों का साामाजिक बहिष्कार… महात्मा गाँधी की मूर्तियों के बग़ल में अम्बेडकर की मूर्ति स्थापित करने के कारण माला जाति के 1200 दलितों का साामाजिक बहिष्कार राम …

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अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों का एक आलोचनात्‍मक विवेचन video

अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों

जाति विरोधी आन्‍दोलन के तीन महत्‍वपूर्ण व्‍यक्तित्‍व अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों का एक आलोचनात्‍मक विवेचन प्रिय साथियो, जाति प्रश्‍न पर हुई वर्कशॉप का आज छठा वीडियो अपलोड किया है। इस वीडियो में आधुनिक भारत के जाति विरोधी आन्‍दोलन के तीन महत्‍वपूर्ण व्‍यक्तित्‍व अय्यंकली, फुले, पेरियार के आन्‍दोलनों का एक …

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बेरोज़गार हैं 40 प्रतिशत, कौन है इसका जि़म्मेदार? -मुनीश मैन्दोला

बेरोज़गार हैं 40 प्रतिशत

सरकार का 2 करोड़ प्रति वर्ष नयी नौकरियों के सृजन का वादा भी ”रामराज्य” वाली  सरकार के हर वादे की तरह झूठा निकला! खोदा पहाड़, निकला कॉक्रोच! केन्द्रीय श्रम मन्त्री बण्डारू दत्तात्रेय ने 6 फ़रवरी 2017 को लोकसभा में बताया कि 2013-14 में बेरोज़गारी की दर 3.4 प्रतिशत थी जो …

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बुलेट ट्रेन के लिए क़र्ज़: जापान का भारत प्रेम की हक़ीक़त क्या है? -मुकेश असीम

बुलेट ट्रेन के लिए क़र्ज़

भारतीय रेल की इस समय जितनी बुरी हालत है, उतनी पहले कभी नहीं थी। आये दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं, गाड़ि‍याँ लगातार देरी से चल रही हैं, खानपान की व्यवस्था का बुरा हाल है। तरह–तरह की तिकड़मों से यात्रियों से पैसे वसूले जा रहे हैं। रेल मार्गों, रेल गाड़ि‍यों, यात्रियों की संख्या में और माल …

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मज़दूरों और छात्रों पर इन नीतियों ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है – बिगुल

मज़दूरों और छात्रों

उदारीकरण-निजीकरण की नीतियों के ढाई दशक बीतने के बाद पूरे देश में कर्मचारियों, मज़दूरों और छात्रों पर इन नीतियों ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। अभी हाल ही में इलाहाबाद में स्वास्थ्य कर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल करके मुख्य चिकित्सा अधिकारी का घेराव किया। यह हड़ताल अधिकारियों के भ्रष्टाचार, …

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अर्थव्यवस्था की बिगड़ती हालत और जीडीपी की विकास दर में गिरावट

अर्थव्यवस्था की बिगड़ती हालत

अर्थव्यवस्था की सबसे बुरी मार मेहनतकशों पर ही पड़नी है ✍मुकेश असीम वित्तीय वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही अप्रैल-जून के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आँकड़े घोषित हुए तो इसमें वृद्धि की दर मात्र 5.7% ही रही। ऐसे बहुत से विश्लेषक और अर्थशास्त्री हैं जो इस गिरावट पर अचम्भा …

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