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पत्रकारमंडल

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गिरिडीह, जिला विधिक सेवायप्राधिकार द्वारा स्थापित उत्कर्ष छात्रावास मे आयोजित कार्यक्रम सम्पन्न  

विरहौर बच्चो के कल्याण के लिए स्थापित उत्कर्ष छात्रावास मे आज दिनांक 17-12-2017 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिडीह की अगुवाई मे जिला विधिक सेवाये प्राधिकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम मे जिला जज प्रथम श्री सुनील कुमार सिंह डालसा सचिव बी बी गौतम सब जज द्वितीय एस के महाराज रजिस्ट्रार …

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प्रणाम : चारेां महानुभावों को मेरा प्रणाम! –उदयमोहन पाठक (अधिवक्ता)

प्रणाम

एक किसान कही जा रहा था। रास्ते में उसे चार आदमी मिले। किसान ने उन्हें स्वभाववश प्रणाम किया और आगे बढ़ गया। कुछ आगे बढ़ते ही चारों यह कहकर आपस में लड़ने लगे कि किसान ने मात्र उसे प्रणाम किया। उन्होंने किसान को बुलाकर पूछा भाई तुमने किसे प्रणाम किया? …

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों का BHU छात्राओं के समर्थन में बड़ा आगाज

इलाहाबाद विश्वविद्यालय

BHU छात्राओं के समर्थन में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने किया बड़ा आगाज। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अपने हक़ की लड़ाई लड़ रही छात्राओं के ऊपर जिस तरह से विश्वविद्यालय प्रशासन ने इतनी बेरहमी से लाठीचार्ज किया यह इस बात का गवाह है कि अब केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा …

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हे नारद, मेरी सुनो (कविता) – उदय मोहन पाठक (अधिवक्ता)

हे नारद

हे नारद ‘ : आजादी के इतने वर्ष बीत जाने जाने के बाद भी जब शोषित, पीड़ित, गरीब, लोगों को देखता हूँ तो मन में एक भाव आता है कि कोई ऐसा बहुजन हिताय कार्य करने वाला मसीहा अवतरित हो जो इनके पीड़ा को हर ले और समाज में समानता …

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हर साल की भांति इस साल भी (व्यंग्य) –उदयमोहन पाठक (अधिवक्ता)

हर साल की भांति इस साल भी

हर साल की भांति इस साल भी यह संवाद सूनते-सुनते अरसा गुजर गया। कभी उकताहट होती है कि लोग इसे बदलते क्यों नहीं? एक जगह ग्रामीण मेला लगा हुआ था। मेले में ही माइॅक से आवाज गूँज रही थी। ‘‘ हर साल की भांति इस साल भी’ सुनकर अच्छा लगा …

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राइट टू प्राइवेसी : निजता लोगों का अधिकार है, उल्‍लंघन ना हो : अंबेडकर -मुकेश सिंह

राइट टू प्राइवेसी

राइट टू प्राइवेसी (निजता का अधिकार) एक मौलिक अधिकार है: सुप्रीम कोर्ट एक बेहद अहम फैसले के तौर पर सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार, यानी राइट टू प्राइवेसी को मौलिक अधिकारों, यानी फन्डामेंटल राइट्स का हिस्सा करार दिया है। कोर्ट का यह फैसला देश के हर नागिरक को प्रत्यक्ष …

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डॉ. अम्बेडकर (बाबा साहेब) का मिशन अधूरा : दुर्गेश यादव”गुलशन”

डॉ. अम्बेडकर

डॉ. अम्बेडकर (बाबा साहेब) का मिशन अधूरा : दुर्गेश यादव”गुलशन” डॉ. अम्बेडकर के निधन के बाद दलितों के पढ़े-लिखे तबके और बहुसंख्यक उपजातियों वाले दलित सबकी हकमारी करने लगे जिस कारण महादलित की चर्चा होने लगी। आज हिन्दू धर्म की चातुर्वर्ण्य व्यवस्था सभी वर्गों को प्रभावित किये हुए है। उच्च …

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डीजीपी नेयाज अहमद का दिल्ली के एस्कॉर्ट्स अस्पताल में निधन 

डीजीपी नेयाज अहमद

डीजीपी नेयाज अहमद का दिल्ली के एस्कॉर्ट्स अस्पताल में निधन डीजीपी नेयाज अहमद, झारखण्ड के पूर्व डीजीपी का दिल्ली के एस्कॉर्ट्स अस्पताल में निधन हो गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार उन्हें पटना में दिल का दौरा पड़ा था. इसके बाद उन्हें एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम …

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ढूंढते रह जाओगे… (अपनी छोटी-बड़ी समस्यायों के समाधान) -उदय मोहन पाठक

ढूंढते रह जाओगे...

ढूंढते रह जाओगे… दस-दस फीट के दस गड्ढे खेादने के बजाय एक सौ फीट का कुआॅं खोद लो, पानी जरूर मिलेगा। अन्यथा छोटे-छोटे गड्ढों में पानी ढूॅंढ़ते रह जाओगे कम उम्र से ही लोग अपनी छोटी-बड़ी समस्या के समाधान के लिए ईश्वर को ढूंढते रहते हैंं, शायद कभी किसी समस्या …

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कश्मीर की समस्या आधी हो जायेगी, 370 हटाने से पहले सरकार कर ले यह काम

कश्मीर की समस्या

कश्मीर की कारस्तानी का अगर जायजा लेना हो तो आपको जम्मू कश्मीर विधानसभा की सीटों का विश्लेषण करना होगा। J & K का असली क्षेत्रफल 222236 वर्ग किलोमीटर है। इसमें से भारत के पास सिर्फ 101387 वर्ग किलोमीटर इलाका है जो लद्दाख, जम्मू और कश्मीर तीन हिस्सों में विभक्त है …

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निर्वाचन कार्ड एवं ईवीएम को आधार कार्ड से लिंक करने की जरूरत- सूरज कुमार बौद्ध

राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। श्री रामनाथ कोविंद जी भारत के अगले राष्ट्रपति होंगे। मैं कुछ आगे लिखूं इससे पहले श्री रामनाथ कोविंद को भारत के राष्ट्रपति चुने  जाने पर मेरा हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं। राष्ट्रपति चुनाव एवं बैलेट पेपर का इस्तेमाल राष्ट्रपति चुनाव में जनप्रतिनिधियों द्वारा बैलेट …

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चाइनीज सामान के बहिष्कार के पीछे छिपी हुई तुच्छ  राजनीतिक मंशा- सूरज कुमार बौद्ध

चीनी सामान का बहिष्कार करो, चीनी झालर का बहिष्कार करो, मिट्टी वाले दिया जलाओ, स्वदेशी अपनाओ विदेशी भगाओ……. आदि। पिछले कुछ सालों से इस तरह की राजनीति खूब चमकाई जा रही है। जैसे दीपावली आती है तो कुछ चीनी झालर का विरोध करने लगेंगे, होली के आते ही चीनी रंगों …

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शरीर गलाकर, पेट काटकर जी रहे हैं मज़दूर

सरकारी आँकड़ों में दावा किया जाता है कि देश के ग़रीबों को भी पहले से बेहतर खाना मिलने लगा है। इन दावों के झूठ की पोल खोलने के लिए बहुत-से अर्थशास्त्री दूसरे आँकड़े भी पेश करते हैं जो बताते हैं कि पिछले बीस वर्षों में जबसे देश में ”विकास” का …

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‘धीमी मौत’ – ये कविता पाब्लो नेरूदा नहीं बल्कि ब्राज़ीलियन कवयित्री मार्था मेदेइरोस की है

धीमी मौत कविता काफी प्रचलित है। इण्टरनेट पर अक्सर पाब्बल रूदा के नाम से शेयर होने वाली ये कविता असल में ब्राज़ीलियन कवयित्री मार्था मेदेइरोस की है। आगे से आप भी अगर धीमी मौत कविता शेयर करते हैं तो वहां कवि का नाम सही कर लें। हिन्दी में इसके कई …

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ड्राईवर मुसलमान नहीं हिन्दु था, नहीं नहीं ड्राईवर तो मुसलमान हीं था.. लेकिन ड्राईवर का नाम सलीम है.. मैं कहता हूं की ड्राईवर का नाम हर्ष है.!

अमित कुमार, गुजरात| हिन्दू- मुसलमान, सेकुलर वामपंथी सब के सब कन्फ्यूज हैं कि बस का ड्राईवर कौन है, और अभी तक कोई भी सही नहीं बता सका है कि आखिर ड्राईवर हिन्दु है की मुसलमान है.. ?   मेरा मानना है की ड्राईवर कोई भी हो उससे क्या फर्क पड़ता …

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जब मुफ्त में नमक नहीं मिलता, कोई करोड़ों की पूंजी लगाकर मुफ्त का अखबार और समाचार क्यों देता है?

आप दुकानदार से नमक मांगते हैं, आप उम्मीद करते हैं आपको नमक ही मिलेगा। आप नमक खरीदने दुकान जाते हैं। दुकान में नमक नहीं हो तो आप क्या करते हैं? मैं दूसरी दुकान जाता हूं। आप भी ऐसा ही करते होंगें। आप जब कभी नमक लेने जाएं, और आपको नमक …

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अब एकलव्य भारी पड़ रहे हैं द्रोणाचार्यों पर…

मुख्यधारा की मीडिया से अलग धर्म क्रांति को हवा दे रहे अंकुश गायकवाड.. बहुजनों की काबिलियत को कमतर आंका जाना भारतीय मीडिया और जनमानस की फितरत बन चुकी है। काबिलियत किसी कौम या जाति विशेष की मोहताज नहीं होती है। असली सवाल अवसर का होता है। बहुजनों में तो एकलब्य जैसी काबिलियत छुपी हुई है लेकिन यहां के द्रोणाचार्यों की …

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सोशल मीडिया पर पाबंदी बहुजनों की आवाज पर हमला…- सूरज कुमार बौद्ध

आज का दौर जनचेतना का दौर है। लोग गुलामी की जंजीरों से बाहर निकलकर आजादी की सांस लेना चाहते हैं। समाज अपने आप को प्रगतिशील समाज बनाने में लगा हुआ है लेकिन शोषक वर्ग को यह बात कतई मंजूर नहीं है कि शोषित समाज स्वतंत्र हो सके। यही वजह है …

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बहुजन समाज के नेताओं के नाम खुला खत…..

श्रद्धेय बहुजन समाज के नेतागणों,        जैसा कि आप सभी इस बात से वाकिफ हैं कि भाजपा ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। उनके नाम की घोषणा करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भाजपा और एनडीए यह …

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बहुजनों एक हो जाओ क्योंकि अगला नंबर तेरा है…! -सूरज कुमार बौद्ध

हबीब जालिब साहब कहते हैं- शेर से डरते हैं, शायरी से डरते हैं, कम-नजर रोशनी से डरते हैं…! जी हां साथियों, अंबेडकरवाद की चोट ब्राहमणवाद पर दिन-ब-दिन तमांचे पर तमाचा मार रहा है। बहुजनों के “बोल कि लब आजाद हैं तेरे” से इनकी ब्राह्मणशाही सत्ता खतरे में नजर आने लगी …

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