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हे नारद, मेरी सुनो (कविता) – उदय मोहन पाठक (अधिवक्ता)

हे नारद

हे नारद ‘ : आजादी के इतने वर्ष बीत जाने जाने के बाद भी जब शोषित, पीड़ित, गरीब, लोगों को देखता हूँ तो मन में एक भाव आता है कि कोई ऐसा बहुजन हिताय कार्य करने वाला मसीहा अवतरित हो जो इनके पीड़ा को हर ले और समाज में समानता …

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आज़ादी! “स्त्री क्या आज़ादी चाहती है?”

आज़ादी!

आज़ादी का क्या मतलब हो सकता है ? आज़ादी! स्त्री आज़ादी चाहती है?… बुनियादी सवाल यह नहीं है कि स्त्री क्या चाहती है, बल्कि यह है कि उसे क्या चाहना चाहिए, उसकी चाहत क्या होनी चाहिए, या वस्तुगत तौर पर स्त्री की मनुष्य्ता की शर्तें क्या हो सकती हैं। स्त्री क्या …

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ननंद भाभी

ननंद ने अपनी भाभी को फोन किया और पूछा भाभी मैंने राखी भेजी थी मिल गयी आप लोगों को ??? . . भाभी : नहीं दीदी, अभी नहीं मिली . . ननद : भाभी कल तक देख लो अगर नहीं मिली तो मैं खुद आऊंगी राखी लेकर . . अगले …

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माँ-बाप

देशी घी की खुशबू धीरेधीरे पूरे घर में फैल गई. पूर्णिमा पसीने को पोंछते हुए बैठक में आ कर बैठ गई। ‘‘क्या बात है पूर्णि, बहुत बढि़या-बढि़या पकवान बना रही हो। काम खत्म हो गया है या कुछ और बनाने वाली हो?’’ ‘‘सब खत्म हुआ समझो, थोड़ी सी कचौड़ी और …

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एक छोटा प्रयास

नींद की गोलियों की आदी हो चुकी बूढ़ी माँ नींद की गोली के लिए ज़िद कर रही थी। बेटे की कुछ समय पहले शादी हुई थी। बहु डॉक्टर थी। बहु सास को नींद की दवा की लत के नुक्सान के बारे में बताते हुए उन्हें गोली नहीं देने पर अड़ी …

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मम्मी पापा

फ़ोन की घंटी तो सुनी मगर आलस की वजह से रजाई में ही लेटी रही। उसके पति राहुल को आखिर उठना ही पड़ा। दूसरे कमरे में पड़े फ़ोन की घंटी बजती ही जा रही थी।इतनी सुबह कौन हो सकता है जो सोने भी नहीं देता, इसी चिड़चिड़ाहट में उसने फ़ोन …

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सासु माँ

आज सुभि की पहली रसोई की रस्म थी ।और उसे बीते हुए कुछ दिन याद आ रहे थे । सुभि के सभी घर वाले बहुत खुश थे ।और होते भी क्यों ना आखिर इतने अच्छे घर में रिश्ता हुआ था सुभि का ,पर सुभि जितनी तेजी से सपनों को संजो …

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पति-पत्नी के बिच आपसी सहयोग बहुत जरुरी है

पत्नी- ऐ जी आज तुम मेरे लिए खाना बना दो, आज तुम्हारे हाँथ का बना हुआ खाना खाने का मन कर रहा है। # _ पति (थोड़े गुस्से में)- ये क्या कह रही हो, तुम क्या तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है, तुमने मुझे खाना बनाने के लिए बोला कैसे, …

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एक रिश्ता सास-बहु का : हेमा भारती

लोग कहते हैं कि रिश्ते उपर वाले बनाते हैं और हर रिश्ते में प्यार का अपनापन का मिठास उपर वाला ही घोलता है। तो फिर रिश्ते में, कड़वाहट क्यों आने लगती है,  तो क्या यह भी उपर वाला का ही मर्जी है। एक मां जब एक बेटे को जन्म देती …

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भारत में परिवार

भारत मुख्यत: कृषिप्रधान देश है और यहाँ की पारिवारिक रचना प्राय: कृषि की आवश्यकताओं से प्रभावित है। इसके अतिरिक्त भारतीय परिवार की मर्यादाएँ और आदर्श परंपरागत है। किसी अन्य समाज़ में गृहस्थ जीवन की इतनी पवित्रता तथा पिता, पुत्र भाई भाई और पति पत्नी के इतने स्थायी संबंधों का उदाहरण …

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सास बहू के रिश्ते से बंधी है परिवार की डोर

किसी भी घर की गृहस्थी उस घर की विशिष्ट महिला के हाथ में होती है यानि की सास। उन्हीं के द्वारा घर को सुचारू रूप से चलाया जाता है। सास बहू को अपने जीवन की अनमोल धरोहर अपना बेटा देती है, सुव्यवस्थित घर-संसार देती है और सब से बढ़ कर …

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