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त्‍योहार समाज में अमीरों के लिए ‘स्‍टेटस सिंबल’ बनकर रह गये

त्‍योहार

होली-दिवाली-दशहरा---- सभी त्‍योहार समाज में अमीरों के लिए 'स्‍टेटस सिंबल' बनकर रह गये हैं। जिसकी गॉंठ में जितना पैसा, उसका त्‍योहार उतना ही रौशन और रंगीन। आम लोगों के लिए तो त्‍योहार बस भीषण तनाव ही लेकर आते हैं।

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न्यूजीलैंण्ड के एक लेखक ! भारत में व्यापक रूप से फैंलें भष्टाचार पर -विनोद कुमार

ब्रयान, न्यूजीलैंण्ड

दुनिया के भ्रष्टाचार मुक्त देशों में शीर्ष पर गिने जाने वाले न्यूजीलैंण्ड के एक लेखक ब्रायन ने भारत में व्यापक रूप से फैंलें भष्टाचार पर  एक लेख लिखा है। न्यूजीलैंण्ड का यह लेख सोशल मीडि़या पर काफी वायरल हो रहा है। न्यूजीलैंण्ड के इस लेख की लोकप्रियता और प्रभाव को …

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स्मार्ट सिटी के नाम पर कच्ची बस्तियों से लोगों को खदेड़ना शुरू -मुनीश मैन्दोला

स्मार्ट सिटी

स्मार्ट सिटी के नाम पर जयपुर आदि शहरों में एक-एक करके कच्ची बस्तियों से लोगों को खदेड़ना शुरू राजस्थान के जयपुर में पिछले कुछ दिनों से स्मार्ट सिटी के नाम पर कच्ची बस्तियों को हटाने का सरकारी अभियान शुरू किया गया है। कुण्डा, सिरसी रोड, खड्डा बस्ती, झालाना इन्दिरा नगर आदि …

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छेड़खानी की घटनाओं के विरोध में पिंजड़ा तोड़ ग्रूप द्वारा अभियान की शुरुआत

छेड़खानी की घटनाओं के विरोध में पिंजड़ा तोड़ अभियान

छेड़खानी की घटनाओं के विरोध में पिंजड़ा तोड़ अभियान पटना में की शुरुआत पटना में आये दिन सड़कों पर, विश्वविद्यालय परिसर में, कोचिंग संस्थानों में होती छेड़खानी की घटनाओं के विरोध में पिंजड़ा तोड़ ग्रूप द्वारा एक माँगपत्रक अभियान की शुरुआत की गयी जिसमेंं पिंजड़ा तोड़ ग्रूप ने विभिन्न कॉलेजों, कोचिंग …

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आखिर बहुजनो का नैतिक पतन क्यों? ( प्रमुख कारण ‘जर’)-द्रुगेश गुलशन यादव

आखिर बहुजनो का नैतिक पतन क्यों

आखिर हमारे बुजुर्गो ने सच ही कहा है कि-  संसार मे जितने भी विवाद या झगड़े होते है, उनके कारण होते है, जर, जोरू, और जमीन।  इन तीनो में सबसे प्रमुख कारण ‘जर’ अर्थात धन। इतिहास ऐसे प्रमाणों से भरा पड़ा है, जहाँ धन की प्राप्ति के लिए खून की नदियां …

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जीएसटी : कॉरपोरेट पे करम, जनता पे सितम, की एक और औज़ार

जीएसटी कॉरपोरेट पे करम

जीएसटी : आखि़र  केन्द्र-राज्यों में सत्ताधारी सभी पार्टियों ने पूर्ण सहमति से जीएसटी की दरें और नियम तय कर 1 जुलाई से इसे लागू कर दिया। पूँजीपति वर्ग के सभी संगठनों, कॉरपोरेट नियन्त्रित मीडिया और आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा इसे ऐतिहासिक आर्थिक सुधार बताकर इसकी भारी वाहवाही की जा रही है। …

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पनामा पेपर्स मामला : समझने के लिए ये लेख पढ़ें  (…मानव)

पनामा पेपर्स के दस्‍तावेज

पनामा पेपर्स के दस्‍तावेज पिछले साल जब जारी हुए थे, ये लेख उस वक्‍त लिखा गया था। नवाज शरीफ के इस्तीफे ने इस मामले को फिर उछाला है लेकिन भारत के इतने सारे भ्रष्‍टाचारी इस लिस्ट में होने के बावजुद पाक साफ बचे हुए हैं। इस मामले को समझने के लिए …

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गाय की मदद से बनाया जा सकता है एड्स का टीका

अमरीकी शोधकर्ताओं का कहना है कि एचआईवी से निपटने के लिए वैक्सीन बनाने में गाय काफी मददगार साबित हो सकती है. प्रतिरक्षा के तौर पर ये जानवर लगातार ऐसे विशेष एंटीबॉडीज प्रोड्यूस करते हैं जिनके जरिए एचआईवी को खत्म किया जा सकता है. ऐसा माना जा रहा है कि कॉप्लेक्स …

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आधार पर सरकारी ज़बर्दस्ती की वजह क्या है?

✍मुकेश असीम मोदी सरकार द्वारा आधार के दायरे को व्यापक बनाने का कार्य निरन्तर जारी है। 2009 में जब तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा आधार कार्ड बनाने की योजना शुरू की गयी थी, तो कहा गया था कि इसमें पंजीकरण करवाना स्वैच्छिक होगा। इसका उपयोग शंका की स्थिति में किसी व्यक्ति …

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​बेहिसाब बढ़ती महँगाई यानी ग़रीबों के ख़िलाफ सरकार का लुटेरा युद्ध

यह सरकार की जनविरोधी, कॉरपोरेट-परस्त नीतियों का नतीजा है सम्पादक मण्डल, मज़दूर बिगुल ‘बहुत हुई महँगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’ के लुभावने नारे से बेहिसाब महँगाई की मार झेल रही जनता के एक हिस्से को भरमाकर उसके वोट बटोरने के बाद भाजपा की अपनी महँगाई तो दूर हो …

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निर्वाचन कार्ड एवं ईवीएम को आधार कार्ड से लिंक करने की जरूरत- सूरज कुमार बौद्ध

राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। श्री रामनाथ कोविंद जी भारत के अगले राष्ट्रपति होंगे। मैं कुछ आगे लिखूं इससे पहले श्री रामनाथ कोविंद को भारत के राष्ट्रपति चुने  जाने पर मेरा हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं। राष्ट्रपति चुनाव एवं बैलेट पेपर का इस्तेमाल राष्ट्रपति चुनाव में जनप्रतिनिधियों द्वारा बैलेट …

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