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इतिहास के क्रूर पन्नों में हमारी सिसकियां गायब हैं: सूरज कुमार बौद्ध

इतिहास

इतिहास के क्रूर पन्नों में भीमा कोरेगांव युद्ध तथा खरसावां गोली कांड की शहादत : सूरज कुमार बौद्ध जबकि पूरा विश्व नए साल के जश्न में डूबा हुआ है वहीं कुछ ऐसे घटनाएं भी हैं जो हमारे रगों में जोश और उद्गार की लहरें उत्पन्न करती हैं। हजारों सालों से …

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संविधान विरोधी बयान पर अनंत हेगड़े का भारतीय मूलनिवासी संगठन ने लिया संज्ञान ! 

संविधान- सूरज बौद्ध

संविधान विरोधी बयान -सूरज कुमार बौद्ध का प्रेसिडेंट, पी०एम० और चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया के नाम खुला ख़त ! संगठन के राष्ट्रीय महासचिव सूरज कुमार बौद्ध का प्रेसिडेंट, पी०एम० और चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया के नाम खुला ख़त ! सेवा में, 1-महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार   2-मा० प्रधानमंत्री भारत सरकार  3-मा० …

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झारखण्ड प्रदेश में सरकार का सर्कस शो जारी! – हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन

राज्य में “सर्कस का शो” जारी है। अभी ‘‘माईनिंग शो’’ चल रहा है। इसके बाद ‘‘सरकार के तीन वर्ष पूरे होने का शो’’ चलेगा। इसकी भी तैयारी प्रारंभ हो गयी है। इसके बाद गोड्डा में ‘‘अडाणी का शो’’ शुरु होने वाला है। आपको पता होगा, इस सरकार ने कुछ वर्ष पूर्व ही ‘‘मेगा फुड पार्क’’ का उद्घाटन बडे ताम-झाम से किया था!

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झारखण्ड में भी भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्ष ने भरी हुंकार

झारखण्ड हेमंत सोरेन

मेदिनीनगर ( झारखण्ड ) जिले के पांडू थाना क्षेत्र अंतर्गत रत्नाग के अनशनकारी किसान गुप्तेश्वर सह ने आरोप लगाया कि किसानों के साथ यह सरकार अन्याय कर रही है। वित्तीय वर्ष 2013-14 के फसल बीमा का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। अविलंब भुगतान की मांग करते हुए वे …

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प्रणाम : चारेां महानुभावों को मेरा प्रणाम! –उदयमोहन पाठक (अधिवक्ता)

प्रणाम

एक किसान कही जा रहा था। रास्ते में उसे चार आदमी मिले। किसान ने उन्हें स्वभाववश प्रणाम किया और आगे बढ़ गया। कुछ आगे बढ़ते ही चारों यह कहकर आपस में लड़ने लगे कि किसान ने मात्र उसे प्रणाम किया। उन्होंने किसान को बुलाकर पूछा भाई तुमने किसे प्रणाम किया? …

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दुर्घटना सिर्फ उसी स्‍टेशन पर नहीं बल्कि बहुत अन्‍य स्‍टेशन पर इंतजार कर रही है

दुर्घटना

मुम्‍बई में हुई 22 लोगों की मौत दुर्घटना नहीं बल्कि हत्‍या है- नौजवान भारत सभा मुंबई में एक बेहद दर्दनाक घटना घटी। एलफिन्‍सटन रोड़ व परेल स्‍टेशन के बीच के एक बेहद पतले पुल पर भगदड़ मचने से 22 लोगों की मृत्‍यु हो गई व 30 से ज्‍यादा घायल हो …

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हे नारद, मेरी सुनो (कविता) – उदय मोहन पाठक (अधिवक्ता)

हे नारद

हे नारद ‘ : आजादी के इतने वर्ष बीत जाने जाने के बाद भी जब शोषित, पीड़ित, गरीब, लोगों को देखता हूँ तो मन में एक भाव आता है कि कोई ऐसा बहुजन हिताय कार्य करने वाला मसीहा अवतरित हो जो इनके पीड़ा को हर ले और समाज में समानता …

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हर साल की भांति इस साल भी (व्यंग्य) –उदयमोहन पाठक (अधिवक्ता)

हर साल की भांति इस साल भी

हर साल की भांति इस साल भी यह संवाद सूनते-सुनते अरसा गुजर गया। कभी उकताहट होती है कि लोग इसे बदलते क्यों नहीं? एक जगह ग्रामीण मेला लगा हुआ था। मेले में ही माइॅक से आवाज गूँज रही थी। ‘‘ हर साल की भांति इस साल भी’ सुनकर अच्छा लगा …

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हिंदी दिवस की साजिश से बाहर निकलकर अंग्रेजी पढ़ना शुरू करो- सूरज कुमार बौद्ध

हिंदी दिवस

शासकों के ‘ हिंदी दिवस ‘ की साजिश से बाहर निकलकर अंग्रेजी पढ़ना शुरू करो- सूरज कुमार बौद्ध भाषाओं का दिवस मनाने से भाषाएं राष्ट्रीय या अंतराष्ट्रीय नहीं होती हैं। जिस भाषा में लचीलता होती है वह स्वतः जनमानस को स्वीकार्य हो जाता है। हिंदी भाषा अंग्रेजी के मुकाबले कठिन …

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SOCIAL MEDIA : अब साहब को सोशल मीडिया से एलर्जी होने लगी -सूरज कुमार बौद्ध

SOCIAL MEDIA

अमित शाह……ब जी, अब सोशल मीडिया ( SOCIAL MEDIA ) से इतनी बौखलाहट क्यों नेताओं की सियासत -बोलो मत, सिर्फ झेलो। राजनीति भी अजीब होती है। राजनेता तो उससे भी अजीब होते हैं। दरअसल राजनीति एक बिजनेस की तरह है। जैसे बिजनेसमैन कोई भी बात अपने नफे-नुकसान के आधार पर …

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भीम युद्ध की आहट को अब पहचान लेना चाहिए: बेजुबानों ने बोलना शुरु कर दिया

भीम युद्ध

भीम युद्ध की आहट: भविष्य का समतामूलक समाज दिखाई दे रहा है…: सूरज कुमार बौद्ध देश को तथाकथित नजरिए से ही सही पर आजाद हुए 70 साल हो चुके हैं लेकिन भारत की बहुसंख्य आबादी आज भी दाने दाने को मोहताज है। भारत की गिनती आज भी भूखमरी से पीड़ित …

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कलमकारों के क़त्ल पर रूह कुरेदती सूरज कुमार बौद्ध की कविता – कलम की आवाज़

कलमकारों के क़त्ल

कलमकारों के क़त्ल पर रूह कुरेदती सूरज कुमार बौद्ध की कविता – कलम की आवाज़ (नरेंद्र दाभोलकर, कलबुर्गी, पनसारे,……. और अब गौरी लंकेश) नरेंद्र दाभोलकर, कलबुर्गी, पनसारे,……. और अब गौरी लंकेश। आए दिन अनेक लेखकों, पत्रकारों, कलमकारों को मौत की घाट उतार दिए जा रहे हैं। इन बेबाक आवाजों का …

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ज्योतिषी : भारत में लूट मचाते ज्योतिषी ! -दुर्गेश यादव “गुलशन”

ज्योतिषी

लूट मचाते अनपढ़ ज्योतिषी होटल के एक कमरे में घुसते ही धूप और अगरबत्ती की सुगंध नाकों में समा गई। धीमी रोशनी में होटल का वह कमरा किसी बड़े मंदिर के पूजाघर से कम नही लग रहा था। मेज पर फूलों से ढंकी मूर्तियों के साथ जल और अलग-अलग रंगों …

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राइट टू प्राइवेसी : निजता लोगों का अधिकार है, उल्‍लंघन ना हो : अंबेडकर -मुकेश सिंह

राइट टू प्राइवेसी

राइट टू प्राइवेसी (निजता का अधिकार) एक मौलिक अधिकार है: सुप्रीम कोर्ट एक बेहद अहम फैसले के तौर पर सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार, यानी राइट टू प्राइवेसी को मौलिक अधिकारों, यानी फन्डामेंटल राइट्स का हिस्सा करार दिया है। कोर्ट का यह फैसला देश के हर नागिरक को प्रत्यक्ष …

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नेता …ओं की बेतुकी बयानबाजी इंसानियत के चेहरे पर गहरा तमाचा मारती है!

नेता ...ओं की बेतुकी बयानबाजी

हिंसा के लिए कोर्ट को जिम्मेदार बताने वाले नेता नगरी अदालत की अवमानना के असली गुनहगार है- सूरज कुमार बौद्ध सीबीआई की पंचकूला अदालत ने जैसे ही ढोंगी बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह को बलात्कार का अपराधी ठहराया वैसे ही पंजाब और हरियाणा में बलात्कारी बाबा के भक्तों ने कानून …

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धर्म : फ़रिश्ते के भेष में महिलाओं की इज्जत लूटते स्वघोषित धार्मिक ठेकेदार

धर्म :राम-रहीम

पंचकूला की सीबीआई अदालत द्वारा गुरमीत राम रहीम को 15 साल पुराने मामले में अपने ही डेरा के साध्वी के बलात्कार का दोषी करार दिया। अन्य घटनाओं से हटकर इस बार इनके भक्तों ने सन्नाटा नहीं बल्कि आतंक और दहशत को जन्म दिया है। धर्म भी अजीब चीज होती है। …

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पन्ने: मेरी ज़िन्दगी के ये पन्ने, कुछ स्याह और कुछ सुर्ख पन्ने (कविता)

पन्ने

मेरी ज़िन्दगी के ये पन्ने कुछ स्याह और कुछ सुर्ख पन्ने कोई खुद-ब-खुद मुड़े तुडे से पन्ने किसी की यादें झट से उकेरने को, हमने मोड़ के रखे हुए हैं पन्ने कुछ गम कि आशुओ से, धुले हुए स्वेत पन्ने कुछ स्वेत स्याह से ज़िन्दगी की उन खौफ़ज़दा यादें मिटाने …

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बौद्ध, अंबेडकर, गौतम जैसे सरनेम साहस की बात है: सूरज कुमार बौद्ध

बौद्ध

बौद्ध, अंबेडकर, गौतम, भीमपुत्र/ भीमपुत्री जैसे सरनेम साहस की बात है: सूरज कुमार बौद्ध बौद्ध, गौतम, अंबेडकर… सुबह सुबह उठकर जैसे ही WhatsApp खोला तो देखा कि तभी एक साथी ने मैसेज किया हुआ था कि वह लोग जो अपने नाम के साथ बौद्ध, गौतम, अंबेडकर, भीम पुत्र एवं भीमपुत्री …

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डीजीपी नेयाज अहमद का दिल्ली के एस्कॉर्ट्स अस्पताल में निधन 

डीजीपी नेयाज अहमद

डीजीपी नेयाज अहमद का दिल्ली के एस्कॉर्ट्स अस्पताल में निधन डीजीपी नेयाज अहमद, झारखण्ड के पूर्व डीजीपी का दिल्ली के एस्कॉर्ट्स अस्पताल में निधन हो गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार उन्हें पटना में दिल का दौरा पड़ा था. इसके बाद उन्हें एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम …

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आखिर बहुजनो का नैतिक पतन क्यों? ( प्रमुख कारण ‘जर’)-द्रुगेश गुलशन यादव

आखिर बहुजनो का नैतिक पतन क्यों

आखिर हमारे बुजुर्गो ने सच ही कहा है कि-  संसार मे जितने भी विवाद या झगड़े होते है, उनके कारण होते है, जर, जोरू, और जमीन।  इन तीनो में सबसे प्रमुख कारण ‘जर’ अर्थात धन। इतिहास ऐसे प्रमाणों से भरा पड़ा है, जहाँ धन की प्राप्ति के लिए खून की नदियां …

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